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यूपी विधानसभा में हाथापाई, मार्शलों ने विधायकों को बाहर निकाला, तस्वीरें

Thu, 25 Aug 2016 02:31 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी विधानसभा में मंगलवार को अभूतपूर्व हंगामा हुआ। संपूर्ण विपक्ष विधानसभा में अपने चुनावी तेवर में नजर आया। हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों को विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर मार्शलों के जरिए बाहर निकाल दिया गया।
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मार्शलों ने विधायकों को जबरन सदन से बाहर निकालने की कोशिश की तो उनके साथ भी हाथापाई हुई। सदन से निकाले जाने के बाद बसपा, भाजपा और कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के ऑफिस के बाहर गैलरी में धरना दिया। ऐसा पहली बार हुआ है, जब विपक्षी सदस्यों को एक साथ सदन से बाहर किया गया।
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विधानसभा की कार्यवाही प्रारंभ होने से पहले ही बसपा, भाजपा और कांग्रेस के सदस्य वेल में आ गए थे। विधानसभा अध्यक्ष के आसन पर पहुंचते ही उन्होंने सरकार विरोधी नारे लिखे बैनर लहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।

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वे महिलाओं पर अत्याचार, जमीनों पर कब्जे बंद करने, गन्ना मूल्य भुगतान कराने, बलात्कारियों को फांसी देने, प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने, बलिया गोलीकांड की सीबीआई जांच कराने और बिजली संकट दूर करने के नारे लगा रहे थे। बसपा सदस्य पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग भी कर रहे थे।
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संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने से पहले ही हंगामा शुरू करना सदन का अपमान है। उन्होंने भाजपा पर सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने, दंगा कराने और माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया।
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 कहा कि विपक्षी दल मीडिया की खबरों में आने के लिए हंगामा कर रहे हैं। इस बीच कांग्रेस के वंशी पहाड़िया अध्यक्ष के आसन तक पहुंच गए।
 
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विपक्षी सदस्यों के शांत न होने पर आजम ने हंगामा कर रहे विधायकों को सदन से बाहर निकालने का प्रस्ताव रखा। अध्यक्ष ने बहुमत की राय पर मार्शलों को निर्देश दिए कि वे हंगामा कर रहे विपक्षी दलों के सदस्यों को बाहर निकाल दें।
 

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मार्शलों ने कांग्रेस विधायक दल के उपनेता पंकज मलिक, अजय सिंह लल्लू और वंशी पहाड़िया को जबरन बाहर किया। इसके बाद बसपा सदस्यों को निकाला गया। इस दौरान बसपा विधायकों की एक मार्शल से धक्का-मुक्की और हाथापाई भी हुई।

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एक मार्शल पर हाथ भी उठाया गया। इसके बाद भाजपा सदस्य निकाले गए। रालोद विधायक दल के नेता दलबीर सिंह तीन विधायकों के साथ बाहर चले गए। आजम ने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि मार्शल की पिटाई हुई।

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कहा कि जब से बसपा के कुछ लोग भाजपा में गए हैं, तब से माहौल खराब करने की कोशिशें और तेज हो गई हैं। प्रश्नकाल क्षेत्र की समस्याओं को उठाने का समय होता है लेकिन विपक्षी सदस्य जनता के मुद्दे नहीं उठने दे रहे हैं।

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विधानसभा से बाहर किए जाने पर बसपा, भाजपा और कांग्रेस सदस्यों ने विधानसभा की मुख्य गैलरी में धरना शुरू कर दिया। वे लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस बीच विपक्ष की गैरहाजिरी में सदन की कार्यवाही चलती रही।

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आजम ने कहा, विपक्ष के बिना मन नहीं लगता
प्रश्न प्रहर निपटने और कई अध्यादेश, नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का प्रतिवेदन, कई अध्यादेश और कई विभागों के वार्षिक लेखा सदन में रखे जाने के बाद आजम ने कहा कि विपक्ष सदन में नहीं रहता तो मन नहीं लगता।
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उन्होंने अध्यक्ष से आग्रह किया कि विपक्षी सदस्य कार्यवाही में भाग लेना चाहते हैं, उन्हें बुला सकते हैं। अध्यक्ष ने सदन की सहमति से विपक्षी सदस्यों को सदन में आने की स्वीकृति दे दी। इसके बावजूद बसपा और भाजपा सदस्य सदन में नहीं आए।
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