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मुलायम की समधन अंबी बिष्ट को हटाने की मांग को लेकर नगर निगम में हंगामा, किया बहिष्कार

Mon, 25 Feb 2019 04:27 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ नगर निगम का एक दृश्य। - फोटो : amar ujala
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भाजपा पार्षद विजय गुप्ता के कार्यकारिणी बैठक में जोन छह की जोनल अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की समधन अम्बी बिष्ट को कई बार ‘महारानी’ कहकर सम्बोधित करने से सदन तक बवाल हुआ। गृहकर निर्धारण के कामों को करने में लापरवाही का आरोप लगाकर भाजपा पार्षद ने जोनल अधिकारी अम्बी पर कार्यकारिणी में निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जोनल अधिकारी ‘महारानी’ की तरह काम करती है। मन होता है आती हैं मन होता नहीं आती। समय से बैठती नहीं। उनके कहने पर काम ही नहीं करती। इस बीच उन्होंने कई बार ‘महारानी’ शब्द का प्रयोग किया। खुद पर कटाक्ष को लेकर जब अम्बी ने कहा कि किसको ‘महारानी’ कह  रहे हैं तो पार्षद बोले कि आपको। बस क्या था विवाद बढ़ गया। पार्षद केआरोपों को सिरे से नकाराते हुए अम्बी ने उनको कड़क जवाब दे दिया। इससे पार्षद बैकफुट पर आए क्योंकि जिस मामले को लेकर वह निशाना साध रहे थे वह मामला उनकेवार्ड का था ही नहीं वह सपा पार्षद मोनू कनौजिया के वार्ड से जुड़ा था। इस पर जोनल अधिकारी ने कहा कि आप दूसरे केवार्ड में क्यों दखल दे रहे हैं। इससे भाजपा पार्षद नाराज हो गए और कार्यकारिणी में हंगाम होने लगा। अम्बी को नगर निगम से हटाने की मांग को लेकर पार्षद ने पार्टी पार्षदों के साथ कार्यकारिणी के अंदर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिस पर महापौर ने कहा कि वह इस बारे में शासन को लिख देंगे।

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भाजपा पार्षद ने फिर उठा दिया मामला

कार्यकारिणी की बैठक होने के बाद दोपहर तीन बजे जैसे ही ओटीएस को लेकर नगर निगम सदन की बैठक शुरू ह्रुई। भाजपा पार्षद विजय ने फिर मामला उठा दिया। उन्होंने कहा कि पार्षद का अपमान करने वाली जोनल अधिकारी पर क्या कार्यवाही की गई महापौर बताएं। उस पर महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि कार्यकारिणी में तो बता दिया गया कि आपकी भावनाओं से शासन को अवगत करा दिया जाएगा। यह सुन भाजपा पार्षद दिलीप श्रीवास्तव, नागेंद्र सिंह चौहान सहित ज्यादातर भाजपा पार्षद हंगामा करने लगे। उस पर जब भी महापौर ने उनको नगर निगम से हटाए जाने की बात नहीं मानी तो वह सदन के अदंर धरने पर बैठे गए। किसी तरह दूसरे पार्षदों ने मामले को शांत कराया। उसके बाद महापौर बोलीं। उन्होंने कहा कि इस तरह ‘खोम्चे’वालों की तरह घेरने से काम नहीं होता। यह सुन फिर पार्षद भड़क गए और वह सदन के बाहर चले गए और धरना-नारेबाजी शुरू कर दी। कई वरिष्ठ पार्षदों ने उनको समझाया मगर वह नहीं माने। इस पर महापौर ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। भाजपा पार्षद ने महापौर से कहा कि वह खोम्चे वाले नहीं है। संसदीय परम्पराओं केतहत ही अपनी बात रख रहे हैं।
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