रायबरेली। नगर पालिका परिषद रायबरेली की आकस्मिक बोर्ड की बैठक में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। सभासद बोर्ड की बैठक में अधिशासी अधिकारी (ईओ) के शामिल होने का बहिष्कार करते हुए जमीन पर बैठ गए। आरोप लगाया कि ईओ वार्डों में न तो विकास कार्य कराते हैं और न ही उनकी समस्या का समाधान करते हैं।
32 सभासदों ने सर्वसम्मति से ईओ को हटाने के लिए निंदा प्रस्ताव पास किया। विवाद बढ़ने पर पुलिस भी पहुंच गई। एक घंटे के विरोध प्रदर्शन के बाद एसडीएम न्यायिक की मौजूदगी में विकास कार्यों पर चर्चा हुई। करीब एक पखवारे पहले सभासदों ने आकस्मिक नगर पालिका परिषद की बोर्ड की बैठक कराने की मांग की थी। डीएम हर्षिता माथुर ने बोर्ड की बैठक कराने के लिए एसडीएम न्यायिक आशुतोष राय को नामित किया था।
दोपहर 12 बजे पालिका कार्यालय स्थित सभागार में पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर, एसडीएम न्यायिक और ईओ स्वर्ण सिंह की मौजूदगी में बैठक शुरू हुई। सभासद परमजीत सिंह गांधी, बृजेश कुमार पांडेय, सबिस्ता बृजेश, पुष्पा यादव समेत अन्य सभासदों ने ईओ के बैठक में शामिल होने का विरोध करते हुए कुर्सियों के बजाय जमीन पर बैठकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
आरोप लगाया कि दलित बस्तियों में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। ईओ उनकी समस्या का निराकरण नहीं करते हैं। पालिकाध्यक्ष ने भी ईओ पर विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाया। विवाद बढ़ने पर शहर की पुलिस के अलावा महिला थाना प्रभारी पुष्पा यादव ने मौके पर पहुंचकर सभासदों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। एक घंटे के हंगामे के बाद ईओ को सभागार से कुछ दूरी पर बैठाकर बोर्ड की बैठक शुरू कराई गई।
इस दौरान 32 सभासदों ने ईओ को हटाने के लिए उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव करते हुए पालिकाध्यक्ष से शासन को लिखापढ़ी करने की मांग रखी। सभासद आशा सिंह ने निंदा प्रस्ताव में हस्ताक्षर नहीं किए, जबकि आजाद नगर वार्ड के सभासद बोर्ड की बैठक में उपस्थित नहीं हुए।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का टेंडर निरस्त
बैठक के दौरान शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संचालित डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का टेंडर निरस्त करने का प्रस्ताव पास हुआ। मौजूदा ठेकेदार पर योजना के संचालन में लापरवाही करने का आरोप लगाया गया है। नए मकानों का नगर पालिका में दर्ज कराने के लिए जनरल सर्वे कराने पर भी सहमति बनी। सर्वे का कार्य मार्च माह 2025 तक कराने का समय दिया गया।
रिश्तेदारों को काम दिलाने का दबाव बनाते हैं पालिकाध्यक्ष : ईओ
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह ने पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर पर गंभीर आरोप लगाए। कहा, पालिकाध्यक्ष अपने रिश्तेदारों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम दिलाकर उनका फर्जी भुगतान कराने का दबाव बना रहे हैं। यहां तक शासन से कर्मियों के वेतन के लिए आने वाले बजट को ठेकेदारों काे भुगतान कराने का दबाव बनाते हैं। आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों का भुगतान भी पालिकाध्यक्ष नहीं कर रहे हैं। इससे कर्मचारी आंदोलित हैं। शासन की गाइडलाइन के तहत ही कार्यों को कराने की उनकी हमेशा प्राथमिकता रही है। बोर्ड की बैठक में हुआ हंगामा पालिकाध्यक्ष का षड़यंत्र है।
विकास कार्यों में अड़ंगा लगाते हैं ईओ : शत्रोह्न सोनकर
पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर ने ईओ पर विकास कार्यों में अड़ंगा लगाने का आरोप लगाया। कहा कि बोर्ड की बैठक में पास कराए गए कार्य नहीं हो पा रहे हैं। ईओ की तरफ से लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। ईओ तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। उनकी ज्यादती किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।