हर वार्ड के अभिभावकों की ओर से भरे गए पांच स्कूलों के विकल्प से ही एक स्कूल दिया जाएगा। दूसरा स्कूल तभी बदला जाएगा जब पहले वाले विकल्प की सीटें भर चुकी हों। आरटीई के तहत शहर में निशुल्क प्रवेश पाने वाले बच्चों की संख्या 7,500 हो चुकी है। हालांकि, इनका प्रवेश होने के बाद भी निजी स्कूलों ने अभी तक पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं किया है।
फीस के लिए शुरू हुआ स्कूलों का सर्वे
आरटीई के 2024-25 सत्र के तहत निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का सत्यापन शुरू हो गया है। अलग-अलग क्षेत्रों में अभी तक 300 से अधिक स्कूलों का सर्वे हुआ है। इसमें बच्चों की वास्तविक संख्या का सत्यापन किया गया है। प्रक्रिया 31 मार्च से पहले पूरा होगी। इसके बाद फीस का भुगतान किया जाएगा। आरटीई के तहत जिन विद्यालयों में अभी तक फीस नहीं पहुंची है, उन स्कूल प्रबंधकों को दो दिनों में आवेदन करना होगा। बीएसए ने बताया कि बकाया फीस का भुगतान किया जा रहा है।