जानकारी के मुताबिक यह अभियान देश भर में चलना है, जिसके लिए संघ परिवार के लोगों को 10 करोड़ परिवारों से संपर्क करना है। इसके लिए लोगों को पहले निकलना पड़ेगा और दौरे करके तैयारियों को अंतिम रूप देना होगा।
रणनीतिकारों को उम्मीद है कि जनवरी तक संभवत: कोरोना का प्रकोप भी थोड़ा कम हो जाएगा, जिससे अभियान चलाने में सुविधा रहेगी। अक्तूबर में नवरात्र के साथ विजयदशमी का त्योहार है, उसके बाद दिवाली है। इन मौकों पर संघ के कार्यक्रम पहले से ही तय हैं।
दिवाली के आसपास संघ की कार्यकारी मंडल की बैठक होनी है। नवंबर में विहिप का धर्मरक्षा निधि कार्यक्रम तय है। दिसंबर में विहिप की केंद्रीय बैठक के साथ संघ परिवार के अन्य संगठनों के अलग-अलग कार्यक्रम हैं।