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राष्ट्रीय स्वयंसेवक की बंगलुरू बैठक में रहेगी अयोध्या की गूंज, विहिप की कार्ययोजना पर भी होगी चर्चा

Sun, 01 Mar 2020 04:18 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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संघ प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : एएनआई
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक की प्रतिनिधि सभा की 15 मार्च से बंगलुरू में होने वाली बैठक में अयोध्या की खास गूंज सुनाई देगी। न सिर्फ राममंदिर निर्माण की रूपरेखा पर चर्चा होगी बल्कि इसके सहारे उत्तर प्रदेश के संदर्भ में अन्य मुद्दे भी विचार-विमर्श का हिस्सा बनेंगे।

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जिनमें वाराणसी, मथुरा से लेकर हिंदुत्व से जुड़े अन्य सांस्कृतिक स्थलों के विकास व संरक्षण और सामाजिक समरसता के साथ छुआछूत के खिलाफ अभियान जैसे विषय शामिल हैं। बैठक 17 मार्च तक चलेगी।

संघ की रीतिनीति तय करने वाले इस फोरम की वर्ष में एक बार होली के आसपास बैठक होती है। वर्ष भर के कार्यक्रमों की रूपरेखा इसी में तय होती है। इस बार की यह बैठक उत्तर प्रदेश के लिहाज से और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
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भले ही प्रत्यक्ष रूप से राम मंदिर का निर्माण ट्रस्ट के जरिये होने वाला हो लेकिन अयोध्या आंदोलन का सूत्रधार रहा संघ परदे के पीछे से अयोध्या के सहारे सरोकारों के समीकरण आगे भी सजाते रहने के साथ अपनी भूमिका को जोड़े रखना चाहता है। इसका भी खाका बैठक में खींचा जाएगा। साथ ही विहिप की तरफ से अब तक की गई तैयारियों को समझकर उन पर मुहर लगाएगा।

इसलिए अयोध्या पर चर्चा

राममंदिर पर फैसला आने के बाद पहली बार प्रतिनिधि सभा की बैठक होने जा रही है। तय व्यवस्था के अनुसार, प्रतिनिधि सभा में संघ परिवार के सभी संगठनों में महामंत्री (संगठन) और अन्य प्रमुख पदों को संभालने वाले हिस्सा लेते हैं। जो प्रतिनिधि सभा को अपनी वर्षभर की गतिविधियों की जानकारी देते हैं और आगे की योजनाओं व कार्यक्रमों पर संघ नेतृत्व के साथ चर्चा करते हैं।

भले ही संघ नेतृत्व को समय-समय पर अनौपचारिक और औपचारिक रूप से मंदिर निर्माण को लेकर चल रही गतिविधियों की जानकारी मिलती रही हो, लेकिन प्रतिनिधि सभा के सभी प्रतिनिधियों को पहली बार इस मुद्दे पर अब तक हुई प्रगति की जानकारी दी जाएगी।
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नजरें इस गणित पर भी

विहिप के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय जो ट्रस्ट के भी महामंत्री हैं वह और उनके अलावा विहिप के महामंत्री (संगठन ) भी बैठक में शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक, इनके साथ न सिर्फ अयोध्या पर चर्चा होगी बल्कि काशी और मथुरा सहित हिंदुत्व के सांस्कृतिक स्थलों के विकास व मठ-मंदिरों के विकास पर भी चर्चा प्रस्तावित है। इसके अलावा प्रदेश में गौवंश संरक्षण व धर्मान्तरण जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।

विश्व हिंदू परिषद ने पिछले दिनों सामाजिक समरसता पर फोकस करते हुए छुआछूत के खिलाफ अभियान चलाने की योजना बनाई है। पर, अब संघ परिवार अयोध्या के राममंदिर के सहारे भी सामाजिक समरसता के सरोकारों को आगे बढ़ाकर इसके सहारे सियासी गणित को और दुरुस्त करना चाहता है। जिसकी शुरुआत ट्रस्ट में अनुसूचित जाति के एक प्रतिनिधि को रखने के साथ हो चुकी है।
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