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मोदी सरकार से नाराज 'भगवा सेना' के महारथियों को मनाएगा संघ

Sun, 21 Aug 2016 09:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मोहन भागवत व नरेंद्र मोदी - फोटो : amar ujala
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मोदी सरकार के कामकाज को लेकर भगवा टोली के कुछ संगठनों में फैल रही नाराजगी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चिंता बढ़ा दी है। आरएसएस ने इस नाराजगी को बढ़ने से पहले ही रोकने का फैसला किया है।
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इसकी कमान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने खुद संभाल ली है। वे अगले सप्ताह लखनऊ आ रहे हैं। वे 29 अगस्त को भगवा परिवार के सभी संगठनों के प्रमुख लोगों से बात करेंगे। उनकी शिकायतें समझेंगे और उन्हें समझाएंगे। बैठक में भाजपा के लोग भी शामिल होंगे।

बीते दिनों गोरक्षकों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद विहिप व अन्य संगठनों की नाराजगी मुखर हुई थी। विहिप के अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया ने तो इस पर सार्वजनिक रूप से बयान भी दे डाला।
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वहीं, केंद्र सरकार की श्रमिक नीतियों के विरोध में आरएसएस से जुड़े संगठन भारतीय मजदूर संघ भी जिस तरह ट्रेड यूनियनों के साथ खड़ा हुआ। उसने संघ के प्रमुख लोगों के कान खड़े कर दिए हैं।
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अयोध्या मुद्दे पर चुप्पी से भी संत नाराज

- फोटो : अमर उजाला
संघ से जुड़े लोग बताते हैं कि हिंदू जागरण मंच के लोगों में धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगाने की मांग पर केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर नाराजगी फैल रही है। अयोध्या मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी पर अब संतों की प्रतिक्रियाएं भी सार्वजनिक होने लगी हैं।

संघ और उससे जुड़े संगठनों से लोग तरह के सवाल करने लगे हैं। संघ के शीर्ष नेतृत्व इससे चिंतित है। वह इस नाराजगी को और ज्यादा फैलने से पहले ही शांत करना चाहता है जिससे इस नाराजगी के चलते विधानसभा चुनाव की रणनीति पर कोई असर न पड़े।

ये है वजह
भले ही संघ सार्वजनिक तौर पर राजनीति से तटस्थ भूमिका में दिखाई देना चाहता हो, लेकिन यह बात सभी जानते हैं कि संघ नेतृत्व के दिल व दिमाग में भाजपा के लिए ही हमदर्दी रहती है। वह चुनाव में यूपी में भाजपा को सत्ता में देखना चाहता है जिससे उसका कई एजेंडों पर काम आसान हो जाए।

संघ का शीर्ष नेतृत्व जानता है कि चाहे मंदिर की बात हो या गोरक्षा की या फिर धर्मांतरण का मसला हो। यूपी में कई काम यहां की सरकार के बिना नहीं हो सकते। इसीलिए उसकी कोशिश है कि कुछ भी ऐसा न होने पाए जिससे यूपी में भाजपा को सत्ता में लाने के रास्ते में कोई बाधा खड़ी हो।
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