घर वापसी और लव जेहाद का मुद्दा प्रदेश के माहौल को एक बार फिर गरमा सकता है। इसकी सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध संगठन हिंदू जागरण मंच की नौ सितंबर से यहां राष्ट्रीय बैठक होगी।
तीन दिन चलने वाली इस बैठक में हिंदुत्व से जुड़े कई मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। साथ ही भविष्य की चुनौतियों से निपटने की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। मंच के संगठनात्मक लिहाज से यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। बैठक के एजेंडे में अन्य विषयों के साथ ये दोनों मुद्दे भी शामिल रहेंगे।
बैठक में पूरे देश से जागरण मंच के लगभग सौ खास पदाधिकारी पिछले एक साल में हुए संगठन के कामों की समीक्षा करेंगे। साथ ही देश, खास तौर से हिंदुओं के सामने आई मौजूदा चुनौतियों पर विचार-विमर्श के साथ उनसे पार पाने के उपायों पर भी चर्चा करेंगे।
हर वर्ष देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली इस बैठक के इस बार लखनऊ में होने के मायने भी तलाशे जा रहे हैं। माना जा रहा है कि यह बैठक उप्र में 2017 के चुनावों से भी जुड़ी है। संघ परिवार इस बैठक के जरिये हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने की तैयारी कर रहा है।
एजेंडे में शामिल हुए ये मुद्दे
एजेंडे में अन्य मुद्दों के साथ देश के वर्तमान राजनीतिक हालात, आंतरिक सुरक्षा, सीमाओं पर रहने वाली हिंदू आबादी के सामने मौजूद संकट, माओवाद, धर्मान्तरण (घर वापसी) और लव जेहाद जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।
बताने की जरूरत नहीं कि घर वापसी और लव जेहाद जैसे मुद्दे पिछले वर्ष भी सूबे की सियासत में काफी गरमी घोल चुके हैं। भाजपा की मथुरा में हुई दो दिनी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक भी किसी राजनीतिक एजेंडे पर नीति तय करने के बजाय घर वापसी और लव जेहाद जैसे मुद्दों में ही उलझकर रह गई थी।
यह भी है मकसद : हिंदू जागरण मंच के पूर्वी उप्र के अध्यक्ष विजय बहादुर कहते हैं कि देश और प्रदेश की सीमा से सटे नेपाल में जिस तरह माओवादियों की गतिविधियां बढ़ रही हैं, साथ ही बांग्लादेश और पाकिस्तान की सीमा से सटे इलाकों में हिंदुओं के खिलाफ सुनियोजित अभियान चल रहा है। इसे लेकर हम काफी चिंतित हैं।
सीमा से सटे जिलों में रहने वाले हिंदुओं के खिलाफ सीमा पार से तरह-तरह के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। इधर, कुछ वर्षों से पूरे यूपी में कुछ लोग हिंदू लड़कियों को छद्म नामों से झूठे प्रेमजाल में फंसाकर और झूठी शादियों के जरिये षड्यंत्र कर रहे हैं।
हिंदू जागरण मंच हिंदुओं को इन सबसे सावधान करना चाहता है। स्वाभाविक रूप से इन मुद्दों पर ठोस रणनीति को अंतिम रूप देना इस बैठक के एजेंडे में शामिल रहेगा।