लखनऊ। ट्रेनों में किन्नरों से जुड़ी खबरें तो बहुत लिखी व पढ़ी गईं, पर किन्नरों के जीवन संघर्ष को समझने, उनके अधिकारों पर पहली बार विचार-विमर्श किया गया।
यह चर्चा मंगलवार को आलमनगर स्थित बाबू जगजीवन राम रेलवे पुलिस अकादमी में आयोजित सेमिनार में हुई। सेमिनार में ट्रांसजेंडर पर्सन प्रोटेक्शन राइट्स एक्ट 2019 और रूल्स 2020 के तहत सत्र आयोजित किया गया था। इसमें देविका देवेंद्र एस मंगलामुखी ने किन्नरों के अधिकारों की पैरवी की। कहा कि यूपीएससी परीक्षा से चयनित रेलवे पुलिस बल को लैंगिक समानता के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। यह वक्त की नजाकत है। इसके अतिरिक्त पशु क्रूरता अधिनियम के दृष्टिगत भी अधिकारियों व जवानों को संवेदनशील बनाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि ऐसा कर समाज को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। सेमिनार में अकादमी के निदेशक वेंकटेश राव प्रमुख रूप से शामिल रहे।