पुराने शहर में चल रहे बवाल को काबू में करने के बाद पुलिस अफसर उपद्रवियों को सबक सिखाने की तैयारी में जुट गए हैं।
ऐसी कार्रवाई होगी कि एक-दूसरे पर फेंकने के लिए पत्थर उठाने में भी हाथ कांप जाए। उपद्रवी को कानूनी सजा दिलाने के लिए विभिन्न थानों में दर्ज 32 मुकदमों के आरोपियों की धरपकड़ शुरू की गई है।
इसके साथ चिन्हित उपद्रवी के साथ उसके परिवार के पासपोर्ट जब्त कराने और पुलिस पर फायरिंग के मामलों में पूरे मोहल्ले के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई चल रही है।
एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि शबीह-ए-ताबूत का जुलूस शांतिपूर्वक निकलवाने की पूरी तैयारी की गई थी।
इसके बावजूद शरारती तत्वों ने उपद्रव शुरू किया और तीन दिन तक चले बवाल में पुलिस ने संयम बनाए रखकर माहौल सामान्य करने की कोशिश की।
चिन्हित उपद्रवियों की धरपकड़ की गई और पहले दिन 43 को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया। अन्य उपद्रवियों की तलाश में छापामारी चल रही है।
माहौल शांत कराने के लिए पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर लाइसेंसी हथियार से फायरिंग की गई।
आग बुझाने व तोड़फोड़ कर रहे लोगों को पकड़ने जा रही टीम को शस्त्र लाइसेंस धारकों की बाधा का सामना करना पड़ा। पुलिस टीम पर फायरिंग के स्थानों को चिह्नित करके पूरे मोहल्ले के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
संकरी गलियों के मोहल्लों में रहने वाले लाइसेंसी हथियार धारक हिंसा जैसी वारदात को काबू करने निकली पुलिस के लिए मुसीबत बन सकते हैं। अपराधियों को पकड़ने निकली पुलिस टीम के साथ अप्रिय घटना हो सकती है।
उपद्रवियों की कमजोर नस ढूंढने में जुटी टीम ने पाया कि पुराने शहर के लोगों में पासपोर्ट बनवाने की होड़ रहती है। अफसरों ने तय किया कि चिन्हित उपद्रवी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ पूरे परिवार के पासपोर्ट जब्त कराए जाएंगे।
चार थानों की टीमें चिन्हित उपद्रवियों व उनके परिवार के बारे में पड़ताल में जुटी हैं। कद्दावर लोगों को भी पुलिस की इस कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
पुलिस अफसर मानते हैं कि शस्त्र लाइसेंस व पासपोर्ट जब्त करने की कार्रवाई से कोई भी व्यक्ति उपद्रव के बारे में नहीं सोचेगा। एक-दूसरे पर फेंकने के लिए पत्थर उठाने में हाथ कांपेंगे।