लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में नकल रोकने के लिए अब नई व्यवस्था लागू की जा रही है। परीक्षा संपन्न होने के बाद कक्ष निरीक्षकों को लिखित रूप में अपना फीडबैक भी देना होगा। इसका मकसद नकल की घटनाओं को रोकना है।
केजीएमयू में परीक्षा विभाग में कई सुधार किए जा रहे हैं। इसका मकसद यह है कि अगर परीक्षार्थी चेतावनी के बावजूद चीटिंग करते हैं तो फिर कक्ष निरीक्षक उनसे कुछ कहने के बजाय लिखित में अपना फीडबैक दे देंगे। इसे परीक्षा समिति के सामने रखा जाएगा। इसके आधार पर दोबारा परीक्षा कराने जैसा निर्णय भी लिया जा सकता है।
ब्लूप्रिंट के आधार पर तैयार होगा प्रश्नपत्र
केजीएमयू ने इसके साथ ही ब्लूप्रिंट के आधार पर प्रश्नपत्र तैयार करने की व्यवस्था शुरू की है। इसमें जो टॉपिक सिखाए जाने होंगे, उसी के आधार पर सवाल तैयार होंगे।
15 दिन के भीतर रिजल्ट
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. सुधीर सिंह ने बताया कि विवि में 5580 परीक्षार्थियों ने वर्ष 2023-24 में परीक्षा दी थी। इनका रिजल्ट 15 दिन के भीतर जारी कर दिया गया है। 75 फीसदी से ज्यादा परीक्षार्थी उत्तीर्ण रहे।