खलीलाबाद से गिरफ्तार अजीजुल हक
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संतकबीरनगर के खलीलाबाद से गिरफ्तार रोहिंग्या अजीजुल हक को 7 दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया गया है। यह आदेश एटीएस के विशेष सीजेएम सुनील कुमार ने बृहस्पतिवार को दिया। एटीएस अब अजीजुल से 8 जनवरी सुबह 10 बजे से सात दिन तक पूछताछ कर सकेगी। अजीजुल पर अवैध रूप से भारत में रहने और यहां का पासपोर्ट व आधार बनवाने का आरोप है।
विशेष कोर्ट ने आरोपी अजीजुल को पहले न्यायिक हिरासत में लेने का आदेश दिया। इस पर एटीएस के वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अतुल कुमार ओझा ने कस्टडी रिमांड पर दिए जाने की मांग वाली अर्जी देकर कोर्ट को बताया कि अजीजुल मूल रूप से म्यांमार का रहने वाला है और वह वर्ष 2001 में बांग्लादेश के रास्ते अवैध रूप से भारत आया था। वर्तमान में वह खलीलाबाद में रह रहा था। ओझा ने बताया कि आरोपी को रिमांड पर लेकर उसके आधार व पासपोर्ट बनवाने में मददगार रहे लोगों और उसके सहयोगियों के विषय में पूछताछ करनी है। यह अभियोजन के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य होगा। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी को रिमांड पर दिए जाने का आदेश जारी कर दिया।
अजीजुल हक के मास्टर माइंड बहनोई की तलाश में छापे
संतकबीर नगर से पकड़े गए रोहिंग्या अजीजुल हक के बहनोई नूर आलम और भाई मोहम्मद नूर की तलाश में यूपी एटीएस ने कई जिलों में छापामारी की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका। नूर आलम ही पूरे मामले का मास्टर माइंड बताया जा रहा है। एटीएस सूत्रों की मानें तो नूर आलम की तलाश में एक टीम मुंबई भेजी गई है। वही बांग्लादेश के रास्ते कई लोगों को म्यांमार से यूपी लाया है। जांच में पता चला कि अजीजुल हक के खातों में कई स्थानों से 10 लाख रुपये से अधिक की रकम आई हैं। ऐसे में एसटीएफ रुपये ट्रांसफर करने वालों की तलाश कर रही है। सूत्रों का कहना है कि अपराध में अजीजुल की मां और बहन की भूमिका नहीं मिली है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। नूर आलम की लोकेशन बुधवार तक संतकबीर नगर में ही थी, लेकिन अजीजुल की गिरफ्तारी के बाद से वह फरार हो गया। अब उसका मोबाइल फोन भी बंद है।