जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ने नेशनल इंस्ट्रूमेंट ऑर्गेनाइजेशन के साथ मिलकर
रोबोटिक्स केंद्र स्थापित किया है।
इंस्टीट्यूट के निदेशक का दावा है कि यह
उत्तर भारत का अपने-आप में सबसे अनूठा केंद्र है। इसमें लैब् व्यू
सॉफ्टवेयर से मानव और यंत्र को आपस में जोड़ने की कड़ी का काम किया जाता
है।
यहां पर उन्होंने रोबोट का एक मॉडल प्रदर्शित किया जिसे वाहनों पर
लगाने पर वह खुद-ब-खुद ड्राइव होगी और रोबोट ट्रैफिक जाम आदि होने की दशा
में खुद अपना रास्ता बदलेगा।
होटल जेमिनी कॉन्टीनेंटल में आयोजित
प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि लैब व्यू सॉफ्टवेयर का प्रयोग सबसे
ज्यादा रोबोटिक्स के क्षेत्र में होता है। इसकी शिक्षा जीसीआरजी कॉलेज के
छात्रों को मुफ्त में दी जाएगी।
जीबीटीयू के कुलपति डॉ. आरके खांडल और
प्रतिकुलपति प्रो. डीके सिंह यादव भी इस अवसर पर मौजूद थे।