केजीएमयू जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत करने जा रहा है। कोरोना संक्रमण की वजह से इसकी योजना अधर में लटक गई थी। संक्रमण थमने के बाद इस दिशा में अब एक बार फिर से काम शुरू हो गया है। संस्थान ने इसके लिए शासन को 35 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। इसे मंजूरी मिलते ही संस्थान में सुपर स्पेशियलिटी विभागों में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हो जाएगी।
सर्जरी प्रक्रिया को और आधुनिक बनाने के लिए विवि प्रशासन रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की तैयारी में है। रोबोटिक सर्जरी साधारण सर्जरी के मुकाबले कहीं ज्यादा सटीक होती है, इसलिए न्यूरो सर्जरी, ऑर्थो सर्जरी, कार्डियक सर्जरी समेत अन्य विभागों की सर्जरी में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। विदेशों में रोबोटिक सर्जरी का इस्तेमाल ज्यादा होता है। सामान्य सर्जरी के मुकाबले यह थोड़ी महंगी होती है, लेकिन इसकी सफलता दर ज्यादा होने की वजह से केजीएमयू ने भी इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
जटिल सर्जरी में ज्यादा कारगर
रोबोटिक सर्जरी में ऑपरेटिंग सिस्टम डॉक्टरों के हाथ में होता है, लेकिन सारा काम रोबोट करता है। ऐसे ऑपरेशन जिसमें बेहद छोटा चीरा लगाना होता है, उसमें रोबोटिक सर्जरी बेहद कारगर है। रोबोट के जरिए छोटे से छोटे चीरे से भी सर्जरी की जा सकती है। रोबोट में अत्याधुनिक उपकरण और कैमरा लगा होता है। यह सर्जरी में मददगार साबित होता है।
कोरोना संक्रमण के समय काफी योजनाएं थम गई थीं। केजीएमयू में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और रोबोटिक सर्जरी की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद यहां पर रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हो जाएगी।
- डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू