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Gomati River: रोबोटिक बोट करेगी गोमती की सफाई, पांच किमी के दायरे में गंदगी दिखाई देने पर स्कैन कर करेगा सेंसर

Thu, 01 Sep 2022 02:26 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

गोमती नदी को स्वच्छ करने के लिए रोबोटिक बोट का इस्तेमाल किया जाएगा। ये रोबोट नदी से एक घंटे में दो क्विंटल कचरा निकाल सकती है।
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सौर ऊर्जा से चलने वाली रोबोटिक बोट। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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गोमती को स्वच्छ बनाने का काम अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस रोबोटिक बोट करेगी। गोमती बैराज से हनुमान सेतु के करीब पांच किमी के दायरे में इसका कैमरा कूड़ा, प्लास्टिक या जलकुंभी दिखाई देने पर उसे स्कैन कर सेंसर को अलर्ट कर देगा। इसके बाद नाव वहां जाकर कूड़े को अपने बैग में डाल देगी। यह एक घंटे में नदी से दो क्विंटल तक कचरा हटा सकती है।

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मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बुधवार को हनुमान सेतु के पास बोट का ट्रायल देखा। नगर निगम के सहयोग से इसका संचालन निजी संस्था सेंटर फॉर इनोवेशन पॉलिसी एंड सोशल चेंज (सीआईपीएससी) करेगी। रिमोट कंट्रोल से चलने वाली यह बोट गारबेज बैग भरने के बाद तय जगहों पर कूड़ा निकाल देगी। इसके बाद नगर निगम इसे वहां से हटाएगा। सेंसर 200 किलो की क्षमता का गारबेज बैग भर जाने का अलर्ट भी देगा, जिससे बोट डिस्चार्ज प्वाइंट पर जाकर इसे खाली कर सके। गारबेज बैग की क्षमता को 1000 किलो तक बढ़ाया जा सकता है।

सीआईपीएससी की निदेशक करिश्मा सब्भरवाल ने बताया कि सौर ऊर्जा से चलने वाली यह बोट बड़े-छोटे दोनों तरह का कचरा निकालेगी। इससे ऊपरी सतह साफ रहने से पानी को जरूरी ऑक्सीजन और धूप भी मिलेगी, जो गोमती को स्वच्छ रखने में मददगार होगी। अभी निजी संस्था ट्रायल के रूप में 30 दिन तक इस बोट का संचालन करेगी। इसके बाद नगर निगम को इसे चलाने के लिए सौंप दिया जाएगा। ट्रायल के समय पर्यावरण विभाग के सचिव आशीष तिवारी, अपर नगर आयुक्त पंकज सिंह भी थे।
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नदी किनारे बैठे भी चला सकते हैं बोट
संस्था निदेशक ने मंडलायुक्त को बताया कि प्रशिक्षित व्यक्ति नदी किनारे बैठकर भी इस नाव को चला सकता है। ऑटो मोड में यह खुद ही सेंसर और कैमरा का इस्तेमाल कर कचरा निकालती रहेगी। पूरे रिवरफ्रंट पर नदी को साफ रखना है तो ऐसी तीन से चार नाव की जरूरत होगी। ट्रायल रन सफल रहने पर संस्था स्वदेशी तकनीक से तैयार ऐसी और बोट बनाएगी। 

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