लखनऊ। नाका इलाके में 19 जनवरी की रात एक निजी कंपनी के कर्मचारी पर बदमाशों ने पीछे से हमला कर स्कूटी व मोबाइल लूट लिया। पीड़ित को तीन थाने की पुलिस चक्कर लगवाती रही। अंत में उसने ऑनलाइन शिकायत की तब जाकर नाका थाने में 26 जनवरी को लूट का केस दर्ज किया गया। लूटी गई स्कूटी फिलहाल इंदिरानगर पुलिस ने बरामद कर ली है।
मूल रूप से बिहार निवासी धनंजय शर्मा मानकनगर के न्यू आरती नगर में रहकर प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। 19 जनवरी की रात नौ बजे वह कंपनी मालिक पंकज गुप्ता की स्कूटी लेकर काम से जा रहे थे। नाका में बांस मंडी के पास धनंजय पान की एक दुकान पर रुके। वहां से सामान खरीदने के बाद पास में जल रहे अलाव के पास बैठ गए। तभी पीछे से किसी ने उन पर वार किया। इससे वह बेहोश हो गए। सुबह चार बजे जब धनंजय की आंख खुली तो स्कूटी और मोबाइल फोन गायब था।
21 जनवरी को वह शिकायत लेकर नाका थाने पहुंचे तो पुलिस ने घटनास्थल हुसैनगंज बताकर उन्हें हुसैनगंज थाने भेज दिया। वह हुसैनगंज थाने पहुंचे तो उनको कैसरबाग थाने जाकर केस दर्ज कराने की सलाह दी गई। धनंजय कैसरबाग थाने पहुंचे तो उनको बताया कि घटनास्थल नाका है, रिपोर्ट नाका थाने में ही दर्ज की जाएगी। तीन थानों के चक्कर लगाकर धनंजय परेशान हो गए। आखिर में उन्होंने लूट की शिकायत ऑनलाइन की। इस पर 26 जनवरी को नाका थाने में लूट का केस दर्ज किया गया। पीड़ित ने बताया कि लूटी गई स्कूटी इंदिरानगर पुलिस ने बरामद की है। अब पीड़ित का कहना है कि मालिक की लूटी गई स्कूटी मिल गई है तो वह अपना केस वापस लेना चाहते हैं।
इस मामले में डीसीपी पश्चिम राहुल राज का कहना है कि पीड़ित को टरकाने का आरोप गलत है। मामला संज्ञान में आते ही केस दर्ज किया गया। जांच की जा रही है।