लखनऊ में ठाकुरगंज थानाक्षेत्र के सराय माली खान इलाके में बुधवार सुबह टहलने निकले स्कूल संचालक गंगा प्रसाद साहू (84) को बदमाशों ने घेर लिया। इसके बाद उनकी पिटाई कर चेन लूट ले गए। बदमाशों की करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, लेकिन ठाकुरगंज पुलिस मामले को छिपाने में लगी रही। दोपहर तक उच्च अधिकारियों को वारदात की जानकारी तक नहीं थी। बुजुर्ग की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस फुटेज के आधार पर जांच कर रही है।
बजरंगी लाल साहू इंटर कॉलेज के संस्थापक गंगा प्रसाद साहू परिवार संग चौक के नाई बाड़ा दर्जी की बगिया में रहते हैं। सुबह वे घर से टहलने निकले थे। कालीचरण डिग्री कॉलेज के पीछे स्थित सरस्वती मंदिर के गेट के पास दो बदमाशों ने उन्हें बहाने से रोक लिया।
इसके बाद बुजुर्ग को पीटा और जमीन पर पटक दिया। इसके बाद उनके गले से सोने की चेन लूटकर भाग निकले। करीब 4:45 बजे हुई वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बुजुर्ग के भतीजे सुनील ने बताया कि पुलिस को सूचना दी गई।
नमस्ते लखनऊ, पॉलिगान योजना का हाल
वहीं, प्रभारी निरीक्षक प्रमोद मिश्र ने बताया कि केस दर्ज कर फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मालूम हो कि जिस गली में बुजुर्ग से लूट की वारदात हुई, वहां तीन साल पहले भी प्राइवेट कंपनी के अकाउंटेंट आशीष कुबरेले को बदमाशों ने गोली मारी थी।
पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने राजधानी में बुजुर्गों को सुरक्षित सुबह की सैर करने के लिए नमस्ते लखनऊ नाम से एक योजना शुरू की। इसमें पुलिसकर्मी सुबह-शाम टहलने वाले बुजुर्गों से उनकी कुशलक्षेम पूछते हैं। लेकिन ठाकुरगंज इलाके में लॉकडाउन खत्म होते ही हुई वारदात ने योजना पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
कुछ यही हाल अभी तीन दिन पहले शुरू की गई पॉलिगान योजना का भी है। पुलिस कमिश्नर ने छोटी-छोटी जगहों पर पुलिस की पहुंच के लिए इस योजना की शुरुआत की। लेकिन शुरूआती दौर में ही योजना का ऐसा हाल है।