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बीहड़ के डकैतों को भी मिल रहे हैं पुलिस के कारतूस

Thu, 14 May 2015 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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पुलिस व पीएसी के शस्त्रागारों से प्रतिबंधित बोर के कारतूसों व खोखों की सप्लाई बीहड़ में सक्रिय डकैतों के विभिन्न गिरोहों को भी हो रही थी।
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यह काम सिर्फ माफिया और नक्सलियों तक सीमित नहीं है। एसटीएफ को इसकी भनक मिलते ही बीहड़ से सटे जिलों के अधिकारियों को सतर्कता बरतने को कहा गया है।

इस बीच, एसटीएफ को विभिन्न जिलों में पुलिस व पीएसी के शस्त्रागारों में तैनात आरमोररों के बारे में जानकारी मिली है, जो कारतूसों के इस अवैध कारोबार से किसी न किसी रूप में जुड़े हैं।

चूंकि इस घेरे में आने वाले पुलिस कर्मियों की संख्या अधिक है, इसलिए एसटीएफ उनके खिलाफ सीधी कार्रवाई न कर डीजीपी एके जैन को उनके बारे में मिली जानकारियों और साक्ष्यों की रिपोर्ट देगी।
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जांच के बाद बर्खास्तगी

एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार आरोपी पुलिस व पीएसी कर्मियों के खिलाफ जांच कर उनकी बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ के आईजी सुजीत पांडेय ने कहा कि शस्त्रागारों से कारतूसों की सप्लाई अपराधियों या डकैतों को होना बहुत ही गंभीर अपराध है। फोर्स में मौजूद ऐसे लोगों को बर्खास्त करने के लिए डीजीपी को रिपोर्ट दी जाएगी।

कई डकैत गिरोहों को कारतूसों की सप्लाई की जानकारी एसटीएफ को मिल चुकी है। उसने बीहड़ से सटे कई जिलों के आरमोररों की इसमें भूमिका पाई है। इन सभी की सूची तैयार की गई है।

पूरे प्रकरण की जांच कर रहे एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने भी माना कि जिन्हें पकड़ा गया है, उनके अलावा 12 नए नाम सामने आए हैं। ये सभी आरमोरर हैं।

इनमें वे शामिल नहीं हैं, जिन्हें एसटीएफ ने वर्ष 2010 में इसी धंधे में लिप्त होने की वजह से गिरफ्तार किया था।
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