पुलिस व पीएसी के शस्त्रागारों से प्रतिबंधित बोर के कारतूसों व खोखों की सप्लाई बीहड़ में सक्रिय डकैतों के विभिन्न गिरोहों को भी हो रही थी।
यह काम सिर्फ माफिया और नक्सलियों तक सीमित नहीं है। एसटीएफ को इसकी भनक मिलते ही बीहड़ से सटे जिलों के अधिकारियों को सतर्कता बरतने को कहा गया है।
इस बीच, एसटीएफ को विभिन्न जिलों में पुलिस व पीएसी के शस्त्रागारों में तैनात आरमोररों के बारे में जानकारी मिली है, जो कारतूसों के इस अवैध कारोबार से किसी न किसी रूप में जुड़े हैं।
चूंकि इस घेरे में आने वाले पुलिस कर्मियों की संख्या अधिक है, इसलिए एसटीएफ उनके खिलाफ सीधी कार्रवाई न कर डीजीपी एके जैन को उनके बारे में मिली जानकारियों और साक्ष्यों की रिपोर्ट देगी।