रायबरेली-हलोर (रायबरेली)। जिले में रोस्टर के हिसाब से बिजली नहीं मिल रही है। कभी लाइनों में फॉल्ट तो कभी इंसुलेटर, डिस्क खराब हो रही है। यह हाल तब है, जब पूरे साल मरम्मत का काम चलता है। ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे में महज 8 से 10 घंटे बिजली दी जा रही है। शहर में भी बिजली की आवाजाही से लोग परेशान हैं।
शहर में 24 और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। इसके मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। शहर में रविवार को तेलियाकोट उपकेंद्र, आईटीआई, गोराबाजार विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े मोहल्ले के लोगों को ट्रिपिंग की समस्या से जूझना पड़ा। महराजगंज, कठगर, करहिया बाजार विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 150 गांवों की बिजली रविवार को आठ घंटे गुल रही। जर्जर संसाधन के चलते हवा चलने या बारिश होने से कई-कई दिनों तक बिजली चरमरा जाती है।
हलोर क्षेत्र के पुरासी, माझिगांव, जमुरावां, कपूरपुर, भटसरा, ठाकुरपुर, नाथगंज, गुरुबख्शगंज आदि गांवों की करीब 50 हजार आबादी को कपूरपुर फीडर से बिजली मिलती है। शनिवार सुबह 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक बिजली गुल रही। जगतपुर कस्बे में केबल जलने से 20 घरों की बिजली गुल रही। जगतपुर कस्बे में शनिवार की रात करीब 11 बजे बिजली की केबल जलने लगी। इससे बिजली बंद कर दी गई।
सूचना पर पहुंचे कर्मचारियों ने केबल बदलने के बजाय आधे कस्बे की बिजली गुल कर दी और चले गए। इससे 20 घरों के लोग अंधेरे में रहे। रविवार को 11 बजे बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
अधीक्षण अभियंता विवेक कुमार ने बताया कि लाइनों पर आने वाली पेड़ की डालियों को हटाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जर्जर संसाधनों को दुरुस्त कराया जा रहा है।