प्रदेश में पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत की प्रत्येक सड़क की थर्ड पार्टी जांच कराई जाएगी। पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने इस बाबत नियम-कायदे तय कर दिए हैं। सड़कों के प्रत्येक किलोमीटर में 200 मीटर के अंतर पर तीन जगहों से जांच के लिए नमूने लिए जाएंगे।
सरकार के लिए भी सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। तमाम सड़कें समय से पहले ही उधड़ जाती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रत्येक सड़क की थर्ड पार्टी जांच का फैसला किया। हाल ही इसके लिए शासनादेश जारी किया गया था। साथ ही पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष वीके सिंह को नियम-कायदे तय करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
पीडब्ल्यूडी मुख्यालय से जारी निर्देश के अनुसार, प्रदेश में चल रहे पांच करोड़ से अधिक लागत की सड़क के सभी कामों की क्षेत्रवार और जिलेवार सूची बनाई जाएगी। इन कामों की थर्ड पार्टी जांच के लिए आईडीएस वृत्त लखनऊ के अधीक्षण अभियंता राजकीय संस्थानों से एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) लेंगे।