लखनऊ। निगोहां में नगराम मोड़ चौराहे पर निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में शटरिंग निकालने उतरे दो मजदूरों की मौत के बाद रविवार को ग्रामीणों ने मीरखनगर जाने वाले मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मृतकों के परिवार के पालन पोषण के लिए जमीन, मकान व मुआवजा देने के साथ ही मकान मालिक और मकान बनवाने वाले ठेकेदार की गिरफ्तारी की भी मांग की। कई घंटे बाद तहसीलदार व निगोहां क्षेत्राधिकारी के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। फिर परिवारीजनों ने दोनों शव को ले जाकर अंतिम संस्कार किया।
आशियाना के रुचिखंड निवासी चकबंदी लेखपाल बिहारीलाल का निगोहां में नगराम मोड़ चौराहे के पास मकान का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें करनपुर गांव निवासी बुद्धिलाल ने शटरिंग लगाई थी। शनिवार को शटरिंग निकालने के लिए बुद्धिलाल, मजदूरों के साथ निर्माणाधीन मकान पर गया था। बुद्धिलाल टैंक के भीतर उतरा तो जहरीली गैस के चलते उसका दम घुटने लगा। उसने शोर मचाया। इस पर मजदूर संतोष उर्फ गोलू बचाने के लिए टैंक में उतर पड़ा। मगर वह भी टैंक में करीब पांच फीट तक भरे पानी में समा गया। पुलिस ने जेसीबी से टैंक तुड़वाकर दोनों मजदूरों को निकलवाकर सीएचसी पहुंचाया जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया था।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीण व परिवारीजन दोनों शवों को वाहन से लेकर निगोहां से मीरखनगर जाने वाले मार्ग पर बैरीसालपुर गांव के पास पहुंचे। वहां बल्लियां लगाकर ग्रामीणों ने शव वाहन खड़ा करके सड़क जाम कर दी। ग्रामीणों ने मकान मालिक व निर्माण करा रहे ठेकेदार को गिरफ्तार करने, मृतकों के परिवारों के पालन पोषण के लिए कृषि योग्य जमीन, आवास आवंटन व मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। क्षेत्राधिकारी निगोहां नईमुल हसन ने बताया कि तहसीलदार संदीप त्रिपाठी के साथ परिजनों से वार्ता करके ग्रामीणों को समझाया गया। इस पर वे शांत हो गए। मकान मालिक व ठेकेदार को सामने बैठाकर बात कराई जाएगी।