आरओ-एआरओ की परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी।
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परीक्षा के लिए कुल 1076004 अभ्यर्थी पंजीकृत थे जिनमें से केवल 42.29 फीसदी उपस्थित रहे यानी छह लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। अभ्यर्थियों की कम उपस्थिति के कारण परीक्षा केंद्रों के कमरे खाली रहे।
अफसरों ने ली राहत की सांस
पेपर लीक के बाद दोबारा हुई परीक्षा के सफल आयोजन पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अफसरों ने राहत की सांस ली। आयोग के अफसर हर जिले के नोडल अधिकारी से लगातार संपर्क में रहे और पल-पल की खबर लेते रहे।
आयोग के कंट्रोल रूम में लगी 100 लोगों की ड्यूटी
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में स्थापित कंट्रोल रूम में 100 लोगों की ड्यूटी लगी थी। एआई के माध्यम से निगरानी के दौरान किसी अभ्यर्थी के बार-बार इधर-उधर देखने या आगे-पीछे बैठे अभ्यर्थी से फुसफसाकर बात करने, कक्ष निरीक्षक के लगातार एक जगह बैठे रहने से कंट्रोल रूम को एआई के माध्यम से लगातार अलर्ट मिलते रहे। हालांकि, परीक्षा शांतिपूर्व संपर्क करा ली गई।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से शनिवार को समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा लखनऊ के 129 केंद्रों पर सकुशल संपन्न हुई। परीक्षा में सिर्फ 48.80 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। परीक्षा के लिए नोडल बनाई गईं एडीएम नागरिक आपूर्ति ज्योति गौतम ने बताया कि लखनऊ में कुल 61,501 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, जिसमें 30,066 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। 31,440 अभ्यर्थी परीक्षा से अनुपस्थित रहे। बताया कि पूरे लखनऊ में परीक्षा सकुशल संपन्न हुई। कहीं कोई व्यवधान जैसी स्थिति सामने नहीं आई। तय समय से 45 मिनट पहले परीक्षा केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए थे। सुबह 9:30 से दोपहर 12:30 बजे परीक्षा चली।