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आरओ-एआरओ परीक्षा: 42 फीसदी अभ्यर्थी ही हुए शामिल, पेपर लीक की वजह से निरस्त हुई थी ये परीक्षा

Sun, 27 Jul 2025 08:06 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

RO-ARO exam: समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 में 42.29 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए। 
 
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केंद्रों पर हुई गहन जांच। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 में 42.29 फीसदी अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इससे पहले 11 फरवरी 2024 को हुई इसी परीक्षा में 64 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए थे। कम से कम तकरीबन सवा दो लाख अभ्यर्थी ऐसे हैं जो पिछली परीक्षा में तो शामिल हुए थे लेकिन डेढ़ साल बाद रविवार को पुनर्परीक्षा उन्होंने छोड़ दी।

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आरओ/एआरओ के 411 पदों पर भर्ती के लिए कुल 1076004 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। 11 फरवरी 2024 को यह परीक्षा प्रदेश के 58 जिलों के 2387 केंद्रों में हुई थी। इस बार पुनर्परीक्षा प्रदेश के सभी 75 जिलों के 2382 केंद्रों पर आयोजित की गई जिसमें मात्र 42.29 फीसदी अभ्यर्थियों ने ही उपस्थिति दर्ज कराई। तकरीबन सवा दो लाख अभ्यर्थियों के पुनर्परीक्षा छोड़ने के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। इस बार परीक्षा में काफी सख्ती की गई। पूरी परीक्षा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की निगरानी में कराई गई। एक-एक अभ्यर्थी की हर हरकत पर एआई के माध्यम से बारीक नजर रखी जा रही थी। सख्ती का आलम यह रहा कि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले हाथ में बंधा कलावा तक उतारना पड़ा। अंगूठी और चेन भी उतारनी पड़ गई। बाइक की चाभी तक साथ ले जाने की अनुमति नहीं मिली।

आंखों की पुतली से अभ्यर्थियों की पहचान की गई और प्रत्येक परीक्षार्थी की बायोमीट्रिक हाजिरी ली गई। पहली बार आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा एक सत्र में आयोजित की गई। पहले यह परीक्षा दो सत्रों में होती थी। इसमें सामान्य अध्ययन व हिंदी के प्रश्न पत्र होते थे, लेकिन इस बार दोनों प्रश्न पत्रों को समायोजित करते हुए एक सत्र में तीन घंटे की परीक्षा आयोजित की गई।

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कुल छह लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा

आरओ-एआरओ की परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी। - फोटो : अमर उजाला।
परीक्षा के लिए कुल 1076004 अभ्यर्थी पंजीकृत थे जिनमें से केवल 42.29 फीसदी उपस्थित रहे यानी छह लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। अभ्यर्थियों की कम उपस्थिति के कारण परीक्षा केंद्रों के कमरे खाली रहे।

अफसरों ने ली राहत की सांस
पेपर लीक के बाद दोबारा हुई परीक्षा के सफल आयोजन पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अफसरों ने राहत की सांस ली। आयोग के अफसर हर जिले के नोडल अधिकारी से लगातार संपर्क में रहे और पल-पल की खबर लेते रहे।

आयोग के कंट्रोल रूम में लगी 100 लोगों की ड्यूटी
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में स्थापित कंट्रोल रूम में 100 लोगों की ड्यूटी लगी थी। एआई के माध्यम से निगरानी के दौरान किसी अभ्यर्थी के बार-बार इधर-उधर देखने या आगे-पीछे बैठे अभ्यर्थी से फुसफसाकर बात करने, कक्ष निरीक्षक के लगातार एक जगह बैठे रहने से कंट्रोल रूम को एआई के माध्यम से लगातार अलर्ट मिलते रहे। हालांकि, परीक्षा शांतिपूर्व संपर्क करा ली गई।


 
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31,440 अभ्यर्थियों ने छोड़ी आरओ/एआरओ की परीक्षा

 उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से शनिवार को समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा लखनऊ के 129 केंद्रों पर सकुशल संपन्न हुई। परीक्षा में सिर्फ 48.80 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। परीक्षा के लिए नोडल बनाई गईं एडीएम नागरिक आपूर्ति ज्योति गौतम ने बताया कि लखनऊ में कुल 61,501 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, जिसमें 30,066 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी। 31,440 अभ्यर्थी परीक्षा से अनुपस्थित रहे। बताया कि पूरे लखनऊ में परीक्षा सकुशल संपन्न हुई। कहीं कोई व्यवधान जैसी स्थिति सामने नहीं आई। तय समय से 45 मिनट पहले परीक्षा केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए थे। सुबह 9:30 से दोपहर 12:30 बजे परीक्षा चली।
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