चार वर्ष के इंतजार के बाद लोकसभा में फिर राष्ट्रीय लोकदल का खाता खुल गया है। कैराना संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में रोचक मुकाबले में सपा समर्थित रालोद की तबस्सुम ने भाजपा की मृगांका सिंह को पराजित किया है। वहीं, सपा ने नूरपुर विधानसभा सीट भाजपा से छीन ली है। वहां सपा के नइमुल हसन ने भाजपा की अवनी सिंह को शिकस्त दी।
2014 में कैराना से भाजपा सांसद बने हुकुम सिंह के निधन से खाली हुई सीट पर उपचुनाव में भाजपा ने उनकी बेटी मृगांका सिंह को उम्मीदवार बनाया था। गठबंधन की उम्मीदवार रालोद की तबस्सुम बेगम ने भाजपा की मृगांका सिंह को 44618 मतों से पराजित किया। तबस्सुम को 481182 मत मिले जबकि भाजपा की मृगांका सिंह को 436564 मत मिले।
निर्दलीय रवींद्र कुमार को 3553, संजीव को 2760, यजपाल सिंह राठी को 1567, रणधीर सिंह को 1408, मोहम्मद सलीम को 1043, सेठपाल को 896, लोकदल के कंवर हसन को 624, रामशरण को 1260, बहुजन मुक्ति पार्टी के इंद्रजीत को 2388, जय हिंद जय भारत पार्टी की कुमारी प्रीति कश्यप को 1108 और नोटा को 4389 मत मिले।
लोकसभा चुनाव 2014 में रालोद को प्रदेश में एक भी सीट पर विजय नहीं मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी एक मात्र बागपत जिले की छपरौली सीट से रालोद के सहेंद्र रमाला विजयी हुए थे। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप के बाद रालोद ने सहेंद्र को पार्टी से निकाल दिया था। सहेंद्र ने गत दिनों भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।
विधान परिषद में भी रालोद के एकमात्र सदस्य चौधरी मुश्ताक का कार्यकाल 5 मई को समाप्त हो गया। ऐसे में रालोद का विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा किसी भी सदन में कोई सदस्य नहीं था। तबस्सुम की जीत के साथ ही रालोद का लोकसभा में खाता खुल गया है।