बख्शी का तालाब। गोमती नदी का जलस्तर सोमवार को और बढ़ गया। इससे सुल्तानपुर, बहादुरपुर और हीरापुरवा गांवों को जाने वाली सड़कों पर करीब ढाई फीट तक पानी भर गया है। वहीं, चंद्रिका देवी मंदिर के सुधन्वा कुंड से होकर नदी की धारा बहने लगी है। इससे मुख्य मार्ग पर करीब डेढ़ फीट पानी भर गया है। श्रद्धालु इसी रास्ते से मंदिर पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, मंदिर मार्ग पर जलभराव के कारण मंदिर परिसर और सुधन्वा कुंड के आसपास लगी करीब 150 अस्थायी दुकानों को हटवा दिया गया है। दुकानदारों का कहना है कि मंदिर पहुंचने के दूसरे रास्ते भी हैं, लेकिन श्रद्धालु अब भी पानी से होकर ही मंदिर जा रहे हैं।
नावों में सुरक्षा इंतजाम न होने पर डीएम नाराज
सोमवार को डीएम विशाख जी ने बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। इटौंजा क्षेत्र में पांच नावों से ग्रामीणों, महिलाओं और स्कूली बच्चों के आवागमन की व्यवस्था देखकर उन्होंने तहसील प्रशासन और एसडीएम आकाश सिंह से नाराजगी जताई। डीएम ने पाया कि नाविकों के पास लाइफ जैकेट नहीं थीं और न ही आसपास एसडीआरएफ की टीम तैनात थी। उन्होंने लासा, अकड़रिया समेत अन्य गांवों में नावों की संख्या बढ़ाने और बाढ़ राहत शिविर लगाने के निर्देश दिए।
किसानों ने बढ़ा मुआवजा मांगा
बाढ़ प्रभावित किसानों हरिकेश, हंसराज, दीपक, अहिबरन, रवि प्रकाश समेत अन्य ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर फसल नुकसान का मुआवजा बढ़ाने की मांग की। किसानों का कहना है कि बीज, खाद और खेती से जुड़ी अन्य सामग्री लगातार महंगी हो रही है। उन्होंने फसल बीमा के सर्वे और भुगतान में भी लापरवाही का आरोप लगाया। किसानों के मुताबिक बैंक खाते खोलते समय फसल बीमा तो कर दिया जाता है, लेकिन नुकसान के बाद सर्वे और भुगतान की प्रक्रिया समय पर नहीं होती।
गांवों में बढ़ा पानी और चंद्रिका देवी मंदिर के मार्ग पर भरा पानी।
गांवों में बढ़ा पानी और चंद्रिका देवी मंदिर के मार्ग पर भरा पानी।
गांवों में बढ़ा पानी और चंद्रिका देवी मंदिर के मार्ग पर भरा पानी।
गांवों में बढ़ा पानी और चंद्रिका देवी मंदिर के मार्ग पर भरा पानी।