फोटो-8-बलरामपुर के सिसई घाट पर चेतावनी बिंदु के नीचे पहुंचा राप्ती नदी का जलस्तर।(संवाद)
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बलरामपुर। राप्ती नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे पहुंच गया है। जलस्तर घटने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। नदी का जलस्तर घटने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में कटान का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है।
जिले के दो तहसीलों के 35 स्थानों पर राप्ती नदी के कटान का खतरा है। इन सभी स्थानों पर प्रशासन की तरफ से कटान रोकने के लिए उपाय तो किए गए लेकिन वह नाकाफी दिखाई दे रहे हैं। बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान रोकने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। बीते दिनों हुई भारी बारिश के चलते राप्ती नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार करते हुए खतरे के निशान तक पहुंच गई थी। शनिवार से राप्ती नदी का जलस्तर घटने लगा। रविवार को राप्ती का जलस्तर चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर के नीचे पहुंच गया। राप्ती नदी का जलस्तर घटने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
तटवर्ती इलाकों में बसे ग्रामीणों का कहना है कि सदर व उतरौला तहसील के 35 स्थानों पर जलस्तर घटने के बाद कटान का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की तरफ पिछले वर्ष कटान रोकने के लिए जो उपाय किए गए थे वह नाकाफी है। तटवर्ती इलाकों में बसे ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान वाले क्षेत्रों में बेहतर प्रबंध किए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस बार भी कटान रोकने का बेहतर उपाय नहीं किया गया तो बेशकीमती जमीनें व घर नदी की धारा में समाहित हो सकते हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे पहुंच गया है। तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की संभावना खत्म हो गई है। कटान वाले क्षेत्रों में बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान रोकने के संबंध में उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।