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Lucknow News: युवाओं में बढ़ रहा स्ट्रोक का खतरा

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लखनऊ। न्यूरोलॉजिकल बीमारियां देश के लिए बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन रही हैं। अब कम उम्र के लोगों में भी स्ट्रोक और दिमाग से जुड़ी बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। रविवार को निजी अस्पताल की ओर से आयोजित न्यूरो कॉन्क्लेव-2026 में विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जताई।
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डॉ. अनूप कुमार ठक्कर ने बताया कि लंबे समय तक बैठे रहना, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मोटापा स्ट्रोक के प्रमुख कारण हैं। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज स्टडी के अनुसार, दुनियाभर में 340 करोड़ से अधिक लोग न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से प्रभावित हैं। देश में हर साल करीब 18 से 20 लाख नए स्ट्रोक के मामले सामने आते हैं। 25 साल से अधिक उम्र के हर चार में से एक व्यक्ति को जीवन में स्ट्रोक का खतरा रहता है। प्रदेश में भी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यहां हर चार में से एक वयस्क को हाई ब्लड प्रेशर है। यह स्ट्रोक के बड़े कारणों में से एक है।

विशेषज्ञों के अनुसार, करीब 80 फीसदी स्ट्रोक को रोका जा सकता है। इसके लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित जीवनशैली और समय पर इलाज जरूरी है। डॉ. राकेश कपूर ने कहा कि बीमारी की समय पर पहचान और विशेषज्ञ देखभाल से इसका बोझ कम किया जा सकता है। उन्होंने ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखने, तंबाकू से दूर रहने और नियमित व्यायाम की सलाह दी। अचानक कमजोरी, बोलने में परेशानी या तेज सिरदर्द होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की अपील की।
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