उत्तर प्रदेश पीसीएस एसोसिएशन में विद्रोह की स्थिति पैदा हो गई है। संघ की निष्क्रियता का मुद्दा उठाते हुए ऑडिटर समीर वर्मा ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा है कि पीसीएस काडर बुरे दौर से गुजर रहा है। एसोसिएशन की निष्क्रियता से हालात बहुत खराब हैं।
वर्ष 2000 बैच के पीसीएस अधिकारी समीर वर्मा ने एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रमणि त्रिपाठी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। इस्तीफे में उन्होंने कहा कि 3 मार्च 2019 को एसोसिएशन की बैठक में उन्हें ऑडिटर पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
मौजूदा कार्यकारिणी जबसे अस्तित्व में आई है, तबसे तय मानक व स्तर पर काम नहीं कर सकी। कार्यकारिणी पीड़ित पीसीएस अफसरों के मुद्दों को उठाने में नाकाम रही। ऐसे कई अवसर आए जब साथी अफसरों ने अपने मुद्दों को लेकर एसोसिएशन की तरफ उम्मीद के साथ देखा, पर एसोसिएशन ने इन सभी को मायूस किया। हमने न सिर्फ उन्हें नाउम्मीद किया बल्कि उनको उनके हाल पर छोड़ दिया।
कार्यकारिणी का पदाधिकारी होने के नाते हमें इस दुखद स्थिति की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। पीसीएस काडर बुरे दौर से गुजर रहा है, एसोसिएशन की निष्क्रियता की वजह से हालात बहुत खराब हैं। हम इसी वजह से पिछले तीन वर्षों में एसोसिएशन की वार्षिक सामान्य सभा तक नहीं कर सके। एसोसिएशन के पदाधिकारियों में आपसी संवाद भी ठीक नहीं है।