लखनऊ। पीजीआई इलाके में रहने वाली सेवानिवृत्त जज की बेटी की बुधवार को अपार्टमेंट की 10वीं मंजिल से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पिता ने दामाद पर रुपये के लालच में बेटी को धक्का देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
गोमतीनगर के विशेषखंड निवासी सेवानिवृत्त जज शारदा प्रसाद तिवारी ने बेटी प्रीती (42) की शादी नवंबर 2012 में पीएनबी में कार्यरत लॉ आफिसर रवींद्र कुमार द्विवेदी से की थी। प्रीती के दो बेटे हैं। वह मौजूदा समय में पीजीआई के वृंदावन स्थित अरावली एन्क्लेव अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर बने फ्लैट नंबर 404 में रह रहीं थीं। शारदा प्रसाद तिवारी के अनुसार बुधवार शाम उनको पोते व अपार्टमेंट के गार्ड से सूचना मिली कि प्रीति की 10वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई है।
इस पर वह पत्नी इंदु तिवारी व अन्य लोगों के साथ पहुंचे तो तो बेटी का शव ग्राउंड फ्लोर पर पड़ा मिला। पीजीआई पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाया। शारदा प्रसाद तिवारी ने दामाद पर बेटी को 10वीं मंजिल से फेंककर हत्या करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। इंस्पेक्टर पीजीआई का कहना है कि अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही तहरीर के आधार पर जांच जारी है।
शारदा प्रसाद तिवारी ने बताया कि दामाद ने अरावली अपार्टमेंट में दो साल पहले 80 लाख रुपये लोन लेकर फ्लैट खरीदा था। वह बेटी पर लोन की रकम अदा करने के लिए दबाव डालकर उसे प्रताड़ित करता था। मंगलवार को बेटी ने फोन कर बताया था कि पति रवींद्र उसे परेशान कर रहे हैं। इस पर वह पत्नी संग बेटी के फ्लैट पहुंचे थे। आरोप है कि यहां दामाद ने उनके साथ मारपीट भी की।
पिता ने बताया कि बेटी, पति से अलग नहीं होना चाहती थी। इसलिए वह दामाद की मांगें पूरी भी करते थे। 80 लाख के ऋण आदयगी के लिए प्रीती ने पिता से उनके नाम पर खरीदा गया गोमतीनगर विस्तार का प्लाट बेचकर पति को रुपये तक देने की बात कही थी।
सेवानिवृत्त जज शारदा प्रसाद तिवारी के अनुसार बीते अप्रैल माह में दामाद रवींद्र, बेटी को मारते हुए उनके घर लेकर आया था। तक उन्होंने दामाद की शिकायत पीएनबी के जोनल मैनेजर से भी थी। उनका आरोप है कि दामाद, दूसरी शादी करने की धमकी देता रहता था।