- बंधक बनाकर पीटा, इंदिरानगर थाने में केस दर्ज, महिला समेत छह गिरफ्तार, तमंचा बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। वेतन मिलने में एक दिन की देरी से नाराज रेस्टोरेंट के तीन कर्मचारियों समेत छह लोगों ने रेस्टोरेंट के मैनेजर का अपहरण कर लिया और रातभर बंधक बनाकर मारापीटा। मामला पुलिस तक पहुंचा तो आरोपी महिला अपहृत को लेकर चौकी पहुंच गई और अपहरण की बात को गलत बताया। डरे-सहमे मैनेजर से पूछताछ की गई तो अपहरण की बात सही निकली। पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से तमंचा भी बरामद किया है।
इंदिरानगर के सेक्टर-18 निवासी संतोष कुमार का तकरोही अंबेडकर चौराहे के पास दी होस्ट नाम से रेस्टोरेंट है। इसमें सीतापुर के रेऊसा निवासी विनय दीक्षित मैनेजर हैं। बुधवार दोपहर रेस्टोरेंट के तीन कर्मचारी रामू गुप्ता, सुनील, लक्ष्मी नारायण, उसकी पत्नी बबली और दो अज्ञात युवक बाइकों से रेस्टोरेंट पहुंचे। वेतन की मांग पर मैनेजर ने बताया कि बैंक के सर्वर में दिक्कत के चलते वेतन मिलने में देरी हो रही है। बस इसके बाद सभी आरोपी उनको बाइक से अगवा कर ले गए और चिनहट के हरदासीखेड़ा में झोपड़ी में बंधक बनाकर मारपीट की। रेस्टोरेंट मालिक संतोष कुमार ने बृहस्पतिवार को इंदिरानगर थाने में केस दर्ज कराया।
शुक्रवार सुबह आरोपी बबली अपहृत विनय को साथ लेकर तकरोही पुलिस चौकी पहुंच गई। बबली ने बताया कि विनय का अपहरण नहीं हुआ था। पुलिस ने जब विनय से बात की तो उसने बताया कि वह ममेरे भाई के साथ मौजूद था। पुलिस ने ममेरे भाई से बात कराने को कहा तो विनय टालमटोल करने लगा। रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक करने पर अपहरण की बात सही मिली।
असलहे के बल पर धमका कर भेजा था झूठा बयान देने
विनय चौकी में काफी डरा व सहमा हुआ था। इस पर पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने उसको समझा-बुझाकर हिम्मत दिलाई तब विनय ने बताया कि उसका अपहरण किया गया था। मामला पुलिस तक पहुंच जाने पर आरोपियों ने असलहे के बल पर उसको झूठा बयान देने के लिए बबली के साथ भेजा था। पुलिस ने बबली को चौकी से गिरफ्तार करते हुए उसके पति चिनहट के हरदासीखेड़ा निवासी लक्ष्मी नारायण व सोनू लाल, मटियारी के रामू गुप्ता व विवेक यादव और कठौता निवासी सुनील को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी सीतापुर के अलग-अलग गांव के रहने वाले हैं।
वेतन में एक दिन की देरी पर किया अपहरण
रेस्टोरेंट मालिक ने बताया कि वह हर माह की 10 तारीख को कर्मचारियों को वेतन देते थे। इस बार एक दिन की देरी हो गई। आरोपी लक्ष्मी नारायण ने यह बात पत्नी बबली को बताई तो वह भड़क उठी। बबली ने यह बात पड़ोसी सोनू को बताई तो उसने आश्वासन दिया कि वेतन मिल जाएगा। यह भी कहा कि अगर वेतन नहीं मिलता है तो मैनेजर को उठा लाएंगे।