लखनऊ। विधान परिषद चुनाव में शिक्षक और स्नातक क्षेत्र के मतदाताओं को साधने की कवायद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने सपा को शिक्षा का घोषित दुश्मन बताया।
शनिवार को डिफेंस एक्सपो मैदान में आयोजित भाजपा के लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सम्मेलन में उन्होंने मतदाताओं से परिवारवाद और वंशवाद की विषबेल उखाड़कर योग्य प्रतिनिधि चुनने की अपील की। कहा कि यह चुनाव ईवीएम से नहीं, बैलेट पेपर से हो रहा है। न्याय के पक्ष में परिणाम देने की जिम्मेदारी मतदाताओं की है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में युवाओं के सामने पहचान का संकट था। सपा ने वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया दिया, जबकि भाजपा सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज दिया। योगी ने लखनऊ स्नातक क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह और शिक्षक क्षेत्र के प्रत्याशी उमेश द्विवेदी के समर्थन में मतदान की अपील की। कहा कि प्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए, जो मतदाताओं की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सके।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज, शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को 40 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक बीमा सुरक्षा तथा रसोइयों को दो लाख रुपये के बीमा कवर का जिक्र किया। उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत अभियान से स्कूलों में सुविधाएं बढ़ने तथा बेसिक शिक्षा में ड्रॉपआउट दर 20 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत होने का दावा किया।
सीएम ने कहा कि प्रदेश में साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं। निजी निवेश से 65 लाख युवाओं को रोजगार मिलने और प्रदेश में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप होने की बात भी कही। सम्मेलन में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, नितिन अग्रवाल, रजनी तिवारी, सुरेश राही, सतीश चंद्र शर्मा, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह समेत पार्टी पदाधिकारी, शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शिक्षक एवं स्नातक मतदाता मौजूद रहे।