इसी गेट को हटाने के लिए हो रहा विवाद।
लखनऊ। जानकीपुरम विस्तार के सेक्टर-एक में अराजक तत्वों के जमावड़े, छेड़छाड़ व छिनैती जैसी घटनाओं को रोकने के लिए लगाए गए गेट का कॉलोनी के कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। इन लोगों ने नगर आयुक्त समेत अन्य अफसरों से शिकायत कर गेट हटाने की मांग की है। गेट लगाने वाली समिति का कहना है एलडीए के नक्शे में यह रास्ता ही नहीं है। पूर्व में यहां बनी दीवार अराजक तत्वों ने अपने फायदे के लिए गिरा दी थी। दीवार बनाने के लिए समिति ने एलडीए उपाध्यक्ष को पत्र भी दिया था। लेकिन, किसी ने ध्यान नहीं दिया।
जानकीपुरम विस्तार के सेक्टर-एक के जितेंद्र यादव व अन्य निवासियों के अनुसार उन्होंने 24 वर्ष पूर्व यहां घर खरीदा था। एलडीए नक्शे में सेक्टर-एक के तीन मुख्य रास्ते थे। इसमें मकान संख्या 1/368 मकान के बगल में रास्ता बंद (डेड एंड) दर्शाया गया था। यहां दीवार बनी हुई थी। अराजक तत्वों ने साजिश के तहत उसे तोड़ दिया। इससे कॉलोनी में अराजक तत्व आने लगे। जो लड़कियों व महिलाओं के साथ अभद्रता, चेन स्नैचिंग, बाइक से हूटिंग करते थे।
करीब 437 लोगों की सुरक्षा के लिए दीवार बनाने के लिए एलडीए उपाध्यक्ष से कई बार लिखित व मौखिक शिकायत की, पर समाधान नहीं हुआ। सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद स्थानीय लोगों की सहमति से लोहे के बड़े गेट के साथ छोटा गेट भी लगाया गया। इससे पैदल आने वाले को भी कोई परेशानी न हो।
दूसरे पक्ष की छाया मिश्रा का कहना है कि इस रास्ते के बंद होने से वृद्धजनों, दिव्यांगों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को परेशानी हो रही है। बच्चों को छोड़ने पास के निजी स्कूल में जाने के लिए तीन किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। रास्ता खुलने पर यह दूरी महज 300 मीटर रहती है। महापौर और पुलिस आयुक्त से शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। छाया ने नगर आयुक्त से गेट को हटाने के लिए अनुरोध किया है।