बिना जरूरी पड़ताल और रिहायशी सत्यापन के बन रहे आधार कार्ड ने गृह मंत्रालय को परेशानी में डाल दिया है। ऐसे में अब यूपी में ‘आधार’ की जगह इलेक्ट्रॉनिक चिप युक्त नागरिक पहचान पत्र (रेजिडेंट आइडेंटिटी कार्ड) जारी करने की तैयारी है, ताकि इसे राष्ट्रीय पहचान पत्र का दर्जा दिया जा सके।
इससे पहले नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) को अपडेट करने और अब तक बन चुके आधार कार्ड को लिंक कर रिहाइश के सत्यापन का काम शुरू कर दिया गया है। यह काम स्थानीय निकायों और जिला प्रशासन को मिला है।
जनगणना कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में जनसंख्या से अधिक (106 प्रतिशत) आधार कार्ड बनने के बाद यूपी में भी इसे गंभीरता से लिया गया है।