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मारपीट के आरोपी चार रेजीडेंटों को इमरजेंसी से हटाया

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लखनऊ। डॉ. राममनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय की इमरजेंसी सहित सभी व्यवस्थाएं सोमवार से संस्थान के नाम हो गई हैं। रविवार देर रात कर्मचारी से मारपीट के आरोपी चार रेजीडेंटों को इमरजेंसी ड्यूटी से हटा दिया गया है। तय किया गया है कि इमरजेंसी में 24 घंटे कोई न कोई संकाय सदस्य मौजूद रहेंगे। हर संकाय सदस्य को आठ घंटे ड्यूटी देनी होगी। निदेशक प्रो. एके त्रिपाठी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
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लोहिया संस्थान और लोहिया अस्पताल का विलय हो गया है। रविवार रात इमरजेंसी में एक सफाईकर्मी के परिवार की महिला के आने पर रेजीडेंट से विवाद हो गया था। इस मामले को लेकर इमरजेंसी सेवाएं ठप हो गई थीं। निदेशक सहित अन्य संकाय सदस्यों के मौके पर पहुंचने के बाद इमरजेंसी शुरू हुई। सोमवार को लोहिया संस्थान प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया। रात में ड्यूटी पर मौजूद रहने वाले रेजीडेंटों से पूछताछ की गई। तय किया गया कि मारपीट केआरोपी रेजीडेंटों की ड्यूटी इमरजेंसी में नहीं लगाई जाएगी। उन्हें संस्थान केवार्ड में लगाया गया है। इसी तरह यह भी तय किया गया है कि इमरजेंसी ड्यूटी पर रेजीडेंट काम करते रहेंगे। लेकिन सुपरवाइजर के रूप में 24 घंटे कोई न कोई संकाय सदस्य मौजूद रहेंगे।
कड़े फैसले लिए गए
रात में हुए विवाद को गंभीरता से लिया गया है। इसकेमद्देनजर कई कड़े फैसले लिए गए हैं। इमरजेंसी में किसी भी तरह की अराजकता नहीं होने दी जाएगी। ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। ओपीडी के बाद आने वाले मरीजों को सही तरीके से इलाज मिलेगा। इस व्यवस्था की निगरानी केलिए वरिष्ठ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जा रही है।
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- प्रो. एके त्रिपाठी, निदेशक लोहिया संस्थान
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ये होंगे इमरजेंसी सेवा प्रभारी
लोहिया संस्थान में इमरजेंसी सेवा प्रभारी की जिम्मेदारी इमरजेंसी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा. एसएस त्रिपाठी को सौंपी गई है। उनकेसहयोगी के रूप में अपर चिकित्सा चिकित्सक डा. विक्रम सिंह, डा. संजय कुमार भट्ट और डा. श्रीकेस जिम्मेदारी संभालेंगे। इन लोगों को इमरजेंसी की व्यवस्थाओं की निगरानी करनी है।
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