टिकट के लिए रेलवे स्टेशन पर लंबी कतारों को खत्म करने के लिए रेलवे बोर्ड ने नई पहल की है। जल्द ही डाकघरों में भी पीआरएस खोले जाएंगे, जहां लोग रेलवे टिकट आरक्षित करा सकेंगे। राजधानी में पहले चरण में जीपीओ और चौक डाकघर को पीआरएस के लिए चुना गया है।
रेलवे बोर्ड यात्रियों को लंबी कतारों से राहत दिलाने के लिए टिकटिंग व्यवस्था को आसान बनाने के लिए प्रयासरत है। दरअसल, रेलवे स्टेशन पर आरक्षण टिकटों के साथ-साथ तत्काल टिकट बुक कराने के लिए लंबी लाइनें लगती हैं। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
इससे राहत दिलाने के लिए रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने डाकघरों में पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम(पीआरएस) खोलने की योजना तैयार करवाई है। राज्यमंत्री के मुताबिक इसके लिए रेलवे व डाक विभाग के बीच सहमति बन चुकी है। इससे रेल टिकट के लिए यात्रियों को रेलवे स्टेशन तक जाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
बता दें कि अभी 65 प्रतिशत टिकटों की बुकिंग भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम(आईआरसीटीसी) की वेबसाइट से की जाती है, जबकि 35 फीसदी टिकट बुकिंग विंडो से आरक्षित कराए जाते हैं। इसके बाद भी लोगों को मारामारी करनी पड़ती है। डाकघरों से टिकट आरक्षित कराने की नई योजना से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
रेलवे की ओर से पहले चरण में देश के 280 डाकघरों में पीआरएस खोलने की तैयारी है। इसमें लखनऊ में फिलहाल जीपीओ व चौक डाकघर के नामों का चयन किया गया है। बता दें कि राजधानी में जीपीओ व चौक, दो प्रधान डाकघर हैं। जबकि कुल 125 डाकघर यहां संचालित हैं। यहां चरणबद्ध ढंग से सभी डाकघरों में पीआरएस खोले जाएंगे। वहीं उत्तराखंड के डाकघरों में आठ पीआरएस खोले जाएंगे।