लेखपाल भर्ती में आरक्षित वर्ग के जो अभ्यर्थी जनरल अभ्यर्थियों के बराबर अंक लेकर अनारक्षित श्रेणी में इंटरव्यू में शामिल कि गए थे, यदि इंटरव्यू के बाद वे फाइनल रिजल्ट में अनारक्षित श्रेणी में चयनित नहीं होते हैं, तो उन्हें अपनी श्रेणी में नियुक्ति पाने का मौका मिलेगा। राजस्व परिषद ने जिलाधिकारियों के सवाल पर यह स्पष्टीकरण जारी कर दिया है।
प्रदेश में इस समय लेखपाल भर्ती की कार्यवाही चल रही है। कई जिलों में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के बाद चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की जा चुकी है।
मगर, कई जिलों में आरक्षण को लेकर उहापोह की स्थिति बनी है। कुछ जिलों से सूचना आई है कि पिछड़ी जाति एवं अनुसूचित जाति के कई अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के साथ साक्षात्कार के लिए चयनित हुए हैं।
पर, इनमें से ऐसे भी हैं जिनका साक्षात्कार के बाद अनारक्षित श्रेणी में अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची में नाम नहीं आ पाया और उन्हें उनकी मूल आरक्षित श्रेणी के लाभ से भी वंचित कर दिया जा रहा है।
भर्ती में हुई गलती तो जिलाधिकारी होंगे जिम्मेदार
लेखपाल भर्ती में आरक्षित वर्ग के जो अभ्यर्थी जनरल अभ्यर्थियों के बराबर अंक लेकर अनारक्षित श्रेणी में इंटरव्यू में शामिल कि गए थे, यदि इंटरव्यू के बाद वे फाइनल रिजल्ट में अनारक्षित श्रेणी में चयनित नहीं होते हैं, तो उन्हें अपनी श्रेणी में नियुक्ति पाने का मौका मिलेगा। राजस्व परिषद ने जिलाधिकारियों के सवाल पर यह स्पष्टीकरण जारी कर दिया है।
प्रदेश में इस समय लेखपाल भर्ती की कार्यवाही चल रही है। कई जिलों में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के बाद चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की जा चुकी है।
मगर, कई जिलों में आरक्षण को लेकर उहापोह की स्थिति बनी है। कुछ जिलों से सूचना आई है कि पिछड़ी जाति एवं अनुसूचित जाति के कई अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के साथ साक्षात्कार के लिए चयनित हुए हैं।
पर, इनमें से ऐसे भी हैं जिनका साक्षात्कार के बाद अनारक्षित श्रेणी में अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची में नाम नहीं आ पाया और उन्हें उनकी मूल आरक्षित श्रेणी के लाभ से भी वंचित कर दिया जा रहा है।
इस तरह की थी दिक्कत
राजस्व परिषद ने लेखपाल भर्ती के लिए जिलाधिकारियों को जिलेवार संपन्न लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर अभ्यर्थियों के नाम इंटरव्यू के लिए भेजे थे।
इसमें आरक्षित श्रेणी के कई अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में बेहतर परफार्मेंस के आधार पर अनारक्षित श्रेणी में साक्षात्कार के लिए चयनित हुए थे। ऐसे अभ्यर्थियों के आगे ‘अनरिजर्व्ड’ लिखा गया था।
कई जगह आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी अनारक्षित श्रेणी में साक्षात्कार के बाद अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची में शामिल नहीं हो सके। इसके बाद कई जिलों में इन्हें उनकी मूल श्रेणी में चयन का अवसर नहीं दिया जा रहा था।