प्रशिक्षण के दौरान मौजूद वैज्ञानिक और शोधार्थी।
लखनऊ। आईसीएआर–राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएफजीआर) में जलीय कृषि में प्रायोगिक डिजाइन विषय पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बृहस्पतिवार समापन हो गया। इस दौरान वैज्ञानिकों व शोधार्थियों को सुदृढ़, सांख्यिकीय रूप से सटीक और लागत प्रभावी प्रयोगों की रूपरेखा तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया। निदेशक डॉ. काजल चक्रवर्ती ने कहा कि तापमान, पानी की गुणवत्ता, चारा और रोग जैसे पर्यावरणीय कारक जलीय कृषि प्रयोगों के परिणामों को प्रभावित करते हैं। इसलिए त्रुटिरहित डिजाइन जरूरी है। सभी 17 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया गया। संचालन संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. अचल सिंह, मोनिका गुप्ता, आदित्य कुमार और राघवेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से किया।