आवंटियों की शिकायतों पर सुनवाई करते हुए रेरा ने रोहतास बिल्डर को एक साल में सभी आवंटियों को घर देने का आदेश दिया है। रेरा अध्यक्ष ने यह आदेश बिल्डर की मनमानी और वादाखिलाफी के खिलाफ आईं 100 से अधिक शिकायतों पर सुनवाई करते हुए दिया।
वहीं आरसंस बिल्डर के खिलाफ भी धोखाधड़ी और ठगी की तमाम शिकायतों को देखते रेरा में सुनवाई हुई मगर फैसला सुरक्षित रखा गया है। रोहतास बिल्डर ने सुल्तानपुर रोड और रायबरेली रोड पर प्लॉट के लिए 2012-13 में बुकिंग शुरू की थी।
आकर्षक योजना को देखते हुए बड़ी संख्या में लोगों ने उसमें अपना पैसा लगाया। अपना आशियाना बनाने को आवंटियों ने बैंक से कर्ज लेकर पैसा अदा किया मगर जब रजिस्ट्री की बारी आई तो बिल्डर टालमटोल करने लगा। बिल्डर एलडीए पर आरोप लगा रहा था कि उसकी डीपीआर पास नहीं किया जा रहा है।
जबकि एलडीए बिल्डर पर नियमों के तहत काम न करने के आरोप लगा रहा था। इसके कारण सैकड़ों आवंटी परेशान घूम रहे हैं। पुलिस और एलडीए के साथ आवंटियों ने रेरा में भी शिकायत। जिस पर सुनवाई कई महीनों से सुनवाई चल रही है। सोमवार 100 से अधिक आवंटियों की सुनवाई के बाद रेरा अध्यक्ष राजीव कुमार ने रोहतास बिल्डर को एक साल में आवंटियों को मकान देने का आदेश दिया है।
आरसंस पर फैसला सुरक्षित
लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों आरसंस बिल्डर द्वारा आवंटियों के साथ धोखाधड़ी किए जाने के तमाम मामले सामने आए हैं। उनमें बिल्डर के खिलाफ आवंटियों ठगी के मामले भी दर्ज कराए हैं। रेरा में तमाम आंवटियों ने आरसंस बिल्डर के खिलाफ शिकायत की है। इस पर सोमवार को रेरा में सुनवाई हुई, मगर फैसला अभी नहीं सुनाया गया और उसे सुरक्षित कर लिया गया।