लखनऊ। केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान में मंगलवार को तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आगाज हुआ। इस सम्मेलन में हिंद महासागर क्षेत्र के संदर्भ में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के अनुसंधान में प्रगति पर चर्चा की जाएगी।
उद्घाटन के मौके पर सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी ने कहा कि भारतीय महासागरीय क्षेत्र में औषधीय एवं सगंधित पौधों से संबंधित व्यापार, स्थिरता, वैश्विक परिवर्तन आदि विषयों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग में सीमैप की भूमिका महत्वपूर्ण है। सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने सम्मेलन में आए आईओआरए देशों के लगभग 22 प्रतिनिधियों का स्वागत किया। आईओआरए (इंडियन ओसियन रिम एसोसिएशन) हिंद महासागर की सीमा से लगे देशों के बीच आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए स्थापित संगठन है।
उद्घाटन से पहले डॉ. एन. कलैसेल्वी ने परिसर में चंदन का एक पौधा लगाया। साथ ही सीमैप में नियंत्रित पौध वृद्धि कक्ष - हरीति-दो का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में आईआईटी रोपड़ –टेक्नोलॉजी और इनोवेशन फाउंडेशन व सुगंध-स्वाद विकास केंद्र कन्नौज के साथ दो समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। साथ ही वेस्ट टू वेल्थ पर एक फार्म बुलेटिन व वेटिवर आधारित उद्यमिता पर एक फिल्म का विमोचन भी हुआ।
कार्यक्रम में एनबीआरआई के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी, सीडीआरआई की निदेशक डॉ. राधा रंगराजन और आईआईटीआर के निदेशक डॉ. भास्कर नारायण और आईओआरए के डॉ. मोहम्मद रजा संजाबी भी मौजूद रहे।