कड़ाके की सर्दी में राजस्थानी लोकगीतों पर कलाकारों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति के साथ एकटक घंटों देखने वाले मंचनों की शाम नए साल के दूसरे दिन से सजेगी।
पिछले चार सीजन में हिंदी और अंग्रेजी के 20 मंचनों से नगर में चर्चित हो चुके रेपट्वा नाट्य समारोह का पांचवां सीजन दो जनवरी से शुरू होने जा रहा है।
पांचवें सीजन में रंगमंच के शौकीन हिंदी और अंग्रेजी के आठ नाटकों का लुत्फ ले सकेंगे। शुक्रवार को रेपट्वा के संयोजक भूपेश राय ने मंचनों के बारे में जानकारी दी।
सभी नाटक शाम 6:45 बजे से गोमतीनगर संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे जी प्रेक्षागृह में होंगे। इस बार रेपट्वा महोत्सव के आयोजन पर 40 लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है।
महोत्सव की खास बात यह है कि पहली बार क्रिकेट खिलाड़ी भी इससे जुड़ने जा रहे हैं। पहली शाम का आकर्षण टीम इंडिया के क्रिकेट खिलाड़ी सुरेश रैना होंगे।
पांचवें सीजन के नाटक
2 जनवरी- औरंगजेब
3 जनवरी- इल्हाम
4 जनवरी- क्लब डिजायर
5 जनवरी- न्वाइसेज आफ (ए)
6 जनवरी- नाइन पार्ट्स ऑफ डिजायर
7 जनवरी- ताउस चमन की मैना
8 जनवरी- टू टू टैंगो थ्री टू जीव
9 जनवरी- सलाम 1950 केनाम
पौने दो घंटे तक लोक कलाओं का लुत्फ
नाटकों के मंचन से पूर्व प्रतिदिन 15 सदस्यीय राजस्थानी लोक कलाकारों का दल अपनी लोक वादन, गायन और नृत्य प्रस्तुतियों का गुलदस्ता सजाएंगे। इसमें दो नर्तकियां भी शामिल रहेंगी। प्रस्तुति हर दिन अलग-अलग होंगी। शौकीनों के लिए इस बार अकादमी परिसर में बोन फायर के साथ कैफेटेरिया भी बनेगा।
कानपुर पहुंचा रेपट्वा
चार सीजन से लखनऊ में दर्शकों को अपने मंचन में जुटा रहा नाट्य समारोह पहली बार कानपुर भी जा रहा है। कानपुर के लाजपत भवन में पहली बार समारोह के तहत 8 जनवरी को ‘ताउस चमन की मैना’ और 9 जनवरी को ‘टू टू टैंगो थ्री टू जीव’ का मंचन होगा।
रेपट्वा के आगे धूम-3 भी पीछे
आमिर खान की हालिया रिलीज धूम-3 (टिकटों की कीमत के मामले में) को भी रेपट्वा एक मायने में पछाड़ेगा। मंचन की ग्राउंड सीटों के लिए डोनर पास का मूल्य 400 रुपये रखा गया है, जबकि बालकनी के 200 रुपये हैं। आयोजकों के मुताबिक चूंकि बजट लाखों रुपये में है, इसलिये डोनर पास व्यवस्था की गई है। ये शहर में पांच जगहों से मिलेंगे।