लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के जर्जर हो चले पांच भवनों की सूरत अब बदलने वाली है। लोक निर्माण विभाग ने इन भवनों की मरम्मत के लिए लखनऊ विवि को पत्र भेजा है। पत्र में कला संकाय भवन, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान और वनस्पति विज्ञान के भवनों के जीर्णोद्धार का उल्लेख किया गया है। विवि प्रशासन की ओर से लोक निर्माण विभाग को इन भवनों की प्राचीनता तथा विवि के पास संसाधन न होने का हवाला देते हुए जीर्णोद्धार का अनुरोध किया गया था। लोक निर्माण विभाग के लखनऊ क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता ने इसके जवाब में विवि के कार्य अधीक्षक को प्रस्ताव देने को कहा है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि विवि के भवन काफी पुराने हो चुके हैं। विवि को सरकार से अनुदान के रूप में महज 34 करोड़ रुपये ही मिलते हैं। जबकि वेतन मद में ही विवि हर साल करीब 150 करोड़ रुपये खर्च करता है। विवि का कला प्रांगण भवन 150 साल का हो चुका है। अन्य भवन 100 साल के करीब के है। इसलिए इन भवन की मरम्मत के लिए विवि के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। मरम्मत न होने से इनकी हालत जर्जर हो चुकी है। कई भवन तो टपकने भी लगे हैं। ऐसे में विवि प्रशासन की ओर से लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखकर भवनों की मरम्मत का अनुरोध किया गया था। इस अनुरोध को मानते हुए निर्माण विभाग ने विवि से प्रस्ताव देने को कहा है।
नए प्रशासनिक भवन और गेस्ट हाउस निर्माण की भी है योजना
लखनऊ विवि में पुराने भवनों की मरम्मत का प्रस्ताव मांगा गया है, वहीं दूसरी ओर नए प्रशासनिक भवन के साथ ही गेस्ट हाउस निर्माण का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया है। इससे पहले कर्मचारी और शिक्षक आवास का प्रस्ताव विवि की ओर से भेजा गया था। इस पर मंजूरी मिल चुकी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव मांगे जाने के बाद उम्मीद है कि विवि के अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी मिल जाएगी।
प्रस्ताव तैयार करने को कहा
विश्वविद्यालय के लिए खुशखबरी है कि लोक निर्माण विभाग यहां के पांच भवनों की मरम्मत करेगा। इनमें से कई भवन 100 साल से भी ज्यादा पुराने हैं। इसलिए इनकी मरम्मत पर काफी खर्च होना है। कार्य अधीक्षक को इसका प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
प्रो. एनके पांडेय
प्रवक्ता, लविवि