21वीं रमजान पर शबीह-ए-ताबूत जुलूस और चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती, इसके बावजूद उपद्रवियों ने पुराने शहर का माहौल खराब दिया।
बुधवार सुबह जुलूस के दौरान एक ही समुदाय के दो पक्ष भिड़ गए।
एक-दूसरे पर पथराव किया, दुकानों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। उपद्रवियों ने सड़क किनारे खड़ी करीब दो दर्जन गाड़ियों को तोड़ डाला।
इस दौरान पुलिस काफी देर तक मूक दर्शक बनी रही लेकिन हालात बेकाबू होते देख लाठियां भांज कर भीड़ को तितर-बितर किया।
पथराव और लाठीचार्ज में कई लोग घायल हो गए। बाजारखाल से नक्खास तक के इलाके में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात हैं, इसके बावजूद गलियों से पथराव का सिलसिला रुक-रुक कर शाम तक चलता रहा।
एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि शबीह-ए-ताबूत का जुलूस बुधवार की सुबह 6:30 बजे रुस्तमनगर से बिल्लौचपुरा होते हुए भदेवां एक्सचेंज के पास पहुंचा।
लखनऊ हिंसा की
एक्सक्लूसिव तस्वीरें
वहां शरारती तत्वों ने जुलूस पर पत्थर फेंक दिए। इससे जुलूस में शामिल लोग भड़क उठे और पथराव शुरू हो गया।
पथराव के बीच पुलिस, पीएसी व आरएएफ ने सुरक्षा का घेरा बनाकर जुलूस को लकटोरा कर्बला तक पहुंचाया। इस बीच दूसरे पक्ष के लोग भी बाजार खाला, नक्खास, अकबरी गेट के पास एकत्र हो गए।
दोनों पक्षों में जमकर पथराव के बीच हवाई फायरिंग से हालात बिगड़ने लगे। भीड़ ने फुटपाथ की कई दुकानें तहस-नहस कर डाली।
पांच दुकानों को आग लगा दी और तीन दुकानों में लूटपाट की। हालात बिगड़ने की खबर पर आईजी जोन सुभाष चंद्रा, डीआईजी रेंज नवनीत सिकेरा व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
तस्वीरों में देखिए: पुराने लखनऊ में हिंसा
जुलूस का कार्यक्रम किसी तरह संपन्न कराया। इसके साथ लाठी फटकार कर उपद्रवियों को खदेड़ा गया। थोड़ी देर बाद अकबरी गेट, चावल वाली गली, बिल्लौचपुरा आदि इलाकों में पथराव की सूचना मिली।
पुलिस अधिकारियों ने भीड़ खदेड़ने के साथ इलाके के संभ्रांत लोगों के सहयोग से हालात काबू में करने की कोशिश की लेकिन छुटपुट पथराव का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। पथराव में कई पुलिसकर्मी, पत्रकार व अन्य लोगों को चोटें आई हैं।