मथुरा। स्मार्ट मीटर लगवाने वाले जिले के 3556 उपभोक्ताओं को जुलाई में बड़ी राहत मिलने जा रही है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने नए स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान अतिरिक्त वसूली गई करीब 12 लाख रुपये की धनराशि उपभोक्ताओं के बिजली बिल में समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए उपभोक्ताओं को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
जानकारी के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान निर्धारित शुल्क से अधिक राशि उपभोक्ताओं के बिजली बिल में जोड़ दी गई थी। सिंगल फेज कनेक्शन पर जहां 2800 रुपये लिए जाने थे, वहां 6016 रुपये वसूले गए। इसी प्रकार थ्री-फेज कनेक्शन धारकों से 4100 रुपये के बजाय 11341 रुपये वसूल किए गए। इस प्रकार सिंगल फेज उपभोक्ताओं से 3216 रुपये और थ्री-फेज उपभोक्ताओं से 7241 रुपये अतिरिक्त वसूले गए। शासन स्तर पर मामले की समीक्षा के बाद अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत संबंधित उपभोक्ताओं के खातों का सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन पूरा होते ही अतिरिक्त धनराशि आगामी बिजली बिलों में समायोजित कर दी जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं के बिल की देय राशि स्वतः कम हो जाएगी।
विद्युत निगम का कहना है कि समायोजन की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चल रही है। जिन उपभोक्ताओं से अतिरिक्त राशि ली गई थी, उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यदि किसी पात्र उपभोक्ता के बिल में समायोजन नहीं दिखाई देता है तो वह संबंधित उपखंड कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने बताया कि अतिरिक्त वसूली गई धनराशि को उपभोक्ताओं के बिजली बिल में समायोजित करने का कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि जुलाई माह के दौरान सभी पात्र उपभोक्ताओं के बिलों में राशि समायोजित कर दी जाएगी, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।