लखनऊ। आलमबाग 50 बेड संयुक्त चिकित्सालय के डॉक्टरों ने 50 वर्षीय महिला के गर्भाशय में मौजूद विशाल रसौली (लियोमायोमा) का जटिल ऑपरेशन कर उसे राहत दी। सर्जरी के बाद महिला की हालत में सुधार है।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि महिला पिछले दो वर्षों से पेट दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव से परेशान थी। उसे गंभीर एनीमिया और शरीर में पानी की कमी की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान गर्भाशय में विशाल लियोमायोमा पाया गया। मरीज को स्थिर करने के बाद एक यूनिट रक्त चढ़ाया गया और सर्जरी का निर्णय लिया गया।
15 सितंबर 2026 को डॉ. देवाशिष शर्मा और उनकी टीम ने ओपन मायोमेक्टॉमी सफलतापूर्वक की। निकाले गए ऊतक की हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच में जाइंट यूटेराइन लियोमायोमा विद स्क्वैमस मेटाप्लासिया की पुष्टि हुई।
यह है गर्भाशय फाइब्रॉइ और इसके लक्षण
फाइब्रॉइड गर्भाशय की मांसपेशियों से बनने वाली सौम्य गांठ है। इसके कारण अत्यधिक रक्तस्राव, पेट या पेल्विस में दर्द और कमजोरी हो सकती है। उपचार गांठ के आकार, स्थान, लक्षण और महिला की उम्र पर निर्भर करता है। हर फाइब्रॉइड में ऑपरेशन नहीं होता।
महिलाओं के लिए सलाह
मासिक धर्म में असामान्य रक्तस्राव, लगातार पेट दर्द, पेट का आकार बढ़ने या अत्यधिक कमजोरी को नजरअंदाज न करें। चिकित्सकीय सलाह पर अल्ट्रासाउंड और रक्त जांच कराएं। समय पर जांच और उपचार से फाइब्रॉइड का प्रभावी प्रबंधन संभव है।