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Lucknow News: रिटायर्ड एई से कारोबार में साझेदारी के नाम पर ऐंठे 78 लाख

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- सरकारी जमीन को अपना बताकर ठगी करने का आरोप, नौ पर केस

- डीसीपी सेंट्रल के आदेश पर महानगर पुलिस ने की कार्रवाई

संवाद न्यूज एजेंसी

लखनऊ। गोमतीनगर के विराट खंड निवासी रिटायर्ड एई एसबी त्रिपाठी ने परिचित देवेश भट्ट व आठ अन्य पर जमीन के कारोबार में साझेदारी के नाम पर उनसे 78 लाख ऐंठने का आरोप लगाया है। डीसीपी सेंट्रल आशीष श्रीवास्तव के आदेश पर महानगर पुलिस ने बृहस्पतिवार को धोखाधड़ी और धमकाने की धारा में नौ आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।


एसबी त्रिपाठी मई 2023 में उप्र विकास प्राधिकरण से सहायक अभियंता के पद से रिटायर हुए हैं। उनके मुताबिक एक मार्च 2024 को परिचित देवेश देव भट्ट, रीता राय व महानगर चांदगंज निवासी अजय कुमार दीक्षित ने उनसे रिटायरमेंट फंड निवेश करने की बात कही। तीनों ने उन्हें महानगर में रहीम नगर चौराहे के पास स्थित एक लाख वर्ग फीट जमीन दिखाई। आरोपियों ने उनसे कहा कि जमीन का मालिक वजीरगंज निवासी अजहर सुल्तान है, जिसे 14 फरवरी 2024 को उन्होंने दो करोड़ रुपये एडवांस में दिए है। ठगों ने पीड़ित से कहा कि इसमें आप भी रिटायरमेंट फंड निवेश कर दे हम जमीन खरीद कर आपको साझेदार बना देंगे। झांसे में आए रिटायर्ड एई ने छह अप्रैल 2024 से 16 अप्रैल 2024 तक देवेश, रीता, अजय, मो. सिराज, अजहर सुल्तान, उसके बेटे अंकित ताराब सुल्तान, शाबाज सुल्तान, वसी हैदर आब्दी और शाजिदा जाफरी के खातों में 78 लाख ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठगों ने एई को जमीन संबंधी दस्तावेज दिए। पीड़ित ने जब दस्तावेजों की जांच तहसीलदार सदर व राजस्व निरीक्षक से कराई तो पता चला कि ठग जिस जमीन को अजहर सुल्तान की बता रहे थे वह पॉलिटेक्निक की सरकारी भूमि है। पीड़ित ने जब आरोपियों से अपनी रकम मांगी तो वे धमकाने लगे। ऐसे में उन्होंने डीसीपी सेंट्रल से शिकायत की। उनके आदेश पर पुलिस ने कार्रवाई की।
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मानव तस्करी करने का भी आरोप

पीड़ित का आरोप है कि सभी ठग गिरोह बनाकर सरकारी जमीन को अपना बता कर ठगी करते हैं। आरोप है कि वे हथियार और मानव तस्करी भी करते हैं। इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्र के मुताबिक जांच में मामला सही पाए जाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना अरुण प्रताप सरोज कर रहे हैं।


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