कार्यक्रम में प्रो. राजेश हर्षवर्धन की पुस्तक का विमोचन भी हुआ।
लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में अस्पताल प्रशासन विभाग के प्रमुख और उत्तर प्रदेश राज्य ऊतक एवं अंगदान संस्था के संयुक्त निदेशक प्रो. राजेश हर्षवर्धन के अनुसार कॉर्निया दान और प्रत्यारोपण के बीच अंतर पाटना जरूरी है। डॉ. हर्षवर्धन शनिवार को संस्थान में नेत्र मंथन कार्यक्रम में बोल रहे थे।
डॉ. राजेश हर्षवर्धन ने कहा कि अंगदान की स्थिति खराब है। कॉर्निया का दान भी कम हो रहा है। इसके साथ ही बड़ी समस्या दान में मिले कॉर्निया के अनुपात में प्रत्यारोपण नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह संक्रमण और अन्य चोटें हैं। राष्ट्रीय रजिस्ट्री के अनुसार, वर्ष 2023-24 में देश में 49,315 कॉर्निया दान में मिले। इनमें से 27,394 कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त पाए गए। देश में हर साल एक से दो लाख कॉर्निया की जरूरत होती है। अभी भी प्रत्यारोपण की दर काफी कम है। कार्यक्रम का शुभारंभ अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने किया। इस मौके पर राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक दान संस्था के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमन, डीन प्रो. शालीन कुमार और नेत्र विभाग के प्रमुख प्रो. विकास कनौजिया मौजूद रहे।
कार्यक्रम में प्रो. राजेश हर्षवर्धन की पुस्तक का विमोचन भी हुआ।