सीतापुर। जिलाधिकारी की सक्रियता के बाद अब सीएमओ ने भी स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखना शुरू की है। इसके चलते ही उन्होंने पीएचसी सिरकिड़ा बेहटा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कलर कोडिंग बेडशीट नहीं मिली। खिड़की शीशे भी टूटे मिले। रेफरल व एक्सपायर्ड दवाओं को अलग-अलग रखने की व्यवस्था भी नहीं मिली। इसका हिसाब किताब रखने वाला रजिस्टर भी गायब मिला। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने तत्काल अव्यवस्थाओं को दुरूस्त बनाने का निर्देश दिया।
सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार को पीएचसी सिरकिड़ा परिसर में साफ सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली। प्रभारी चिकित्साधिकारी को इसे दुरुस्त बनाने का निर्देश दिया। पीएचसी सकरन में औषधि भंडार पंजिका में रिकार्ड अपडेट नहीं मिले। एक्सपायर होने वाली दवाओं को अलग नहीं रखा गया था। रेफरल रजिस्टर भी नहीं मिला। ओपीडी में ऑनलाइन परचे नहीं बन रहे थे। इन कमियों को तत्काल दुरूस्त करने की हिदायत दी।
निजी अस्पताल में मानक के अधिक मिले बेड, नोटिस
निजी तौर पर संचालित नेशनल हॉस्पिटल लहरपुर में निरीक्षण के दौरान 10 बेड के पंजीकरण में 17 बेड का संचालन होता मिला। मौके पर रजिस्टर्ड एमबीबीएस चिकित्सक एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ नहीं मिला। अस्पताल में प्रदूषण एवं बायोमेडिकल वेस्ट की एनओसी नहीं थी। मर्सी हॉस्पिटल लहरपुर में क्षमता से अधिक बेडों का संचालन किया जा रहा था। बेसमेंट में बेड लगाकर हॉस्पिटल का संचालन हो रहा था। जिसका रास्ता पीछे से दिया गया था और आगे से शटर बंद था। मौके पर रजिस्टर्ड एमबीबीएस चिकित्सक भी नहीं मिले। इस पर इन्हें नोटिस देते हुए तीन दिन के अंदर जवाब तलब किया।