वह अब 25 रुपये का पड़ेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड ने प्रयोग के तौर पर इसे शुरू किया है। यह व्यवस्था तीन महीने तक रहेगी। यात्रियों की सुविधा और असुविधा को समझते हुए इसे आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल तीन महीने तक रेलवे करीब रोजाना डेढ़ हजार यात्रियों से अतिरिक्त पानी के लिए दाम वसूलेगा।
रेलवे ने पांच घंटे या उसके आसपास में यात्रा पूरी करवाने वाली शताब्दी ट्रेनों में यह नियम लागू किया है, जबकि राजधानी, वंदे भारत और तेजस एक्सप्रेस में अभी भी यात्रियों को एक लीटर की बोतल ही दी जा रही है। इसका शुल्क कैटरिंग चार्ज में शामिल होता है।
ठगा महसूस कर रहे यात्री
लखनऊ कानपुर पैसेंजर एसोसिएशन के एसएस उप्पल ने बताया कि यह यात्रियों से ठगी है। जब कैटरिंग चार्ज कम नहीं किया तो पानी की मात्रा कैसे कम कर सकते हैं। वहीं डीआरयूसीसी मेंबर संजीव कपूर ने कहा कि यह मामला रेलवे बोर्ड पहुंच गया है।