ग्राम्य विकास अधिकारी के 1953 पदों पर जल्द ही भर्ती परीक्षा होगा। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने पांच साल बाद भर्ती परीक्षा दोबारा कराने की कवायद शुरू कर दी है। इससे 14 लाख अभ्यर्थियों के परीक्षा का इंतजार खत्म होगा।
दरअसल, आयोग नेे 2018 में ग्राम पंचायत अधिकारी के 1557, ग्राम विकास अधिकारी के 362 और पर्यवेक्षक के 64 पदों सहित कुल 1953 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। दिसंबर 2018 में परीक्षा हुई और अगस्त 2019 में परिणाम भी जारी कर दिया गया, लेकिन धांधली की शिकायत पर सरकार ने 20 मार्च 2020 को जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी। एसआईटी की जांच में धांधली की पुष्टि के बाद सरकार ने परीक्षा निरस्त कर दी। दो वर्ष कोरोना संक्रमण में बीतने से परीक्षा नहीं हो पाई। लेकिन अब आयोग ने फिर परीक्षा कराने की कवायद शुरू की है।
नहीं देना होगा दोबारा परीक्षा शुल्क
यूपीएसएसएससी के मुताबिक 14 लाख अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने में करीब दस करोड़ से अधिक का खर्च आएगा। लेकिन अभ्यर्थियों से दोबारा परीक्षा शुल्क नहीं ले सकते हैं, इसलिए सरकार से बजट की मांग की जाएगी। आयोग जल्द ही परीक्षा कराने की तैयारी कर रहा है, ताकि विभागों में रिक्त पद भरे जा सकें।
ग्राम्य विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा कराने के लिए शासन से बातचीत चल रही है। आयोग का प्रयास है कि अभ्यर्थियों को जल्द चयन का मौका मिले।
- अवनीश कुमार सक्सेना, सचिव यूपीएसएसएससी