लखनऊ। कोरोना से शनिवार को हुई मौतों के आंकड़े ने राजधानी की भयावह स्थिति को सामने ला दिया है। 42 मौतों के साथ शनिवार को नया रिकॉर्ड बन गया। एक दिन में कोरोना से मौतों का यह अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। इससे पहले 17 अप्रैल को 36 लोगों की वायरस ने जान ली थी। वहीं, शनिवार को संक्रमण के 5461 नए मामले भी सामने आए। शुक्रवार को इनकी संख्या 5682 थी।
लखनऊ में बीते 24 घंटों में संक्रमण के आंकड़े में भले ही कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ, लेकिन मौतों की संख्या तीन गुना पहुंच गई। शुक्रवार को जहां 14 लोगों की जान गई थी तो वहीं शनिवार को 42 ने संक्रमण से दम तोड़ दिया।
केजीएमयू के डीन डेंटल संकाय प्रो. अनिल चंद्रा का निधन
लखनऊ। केजीएमयू के दंत संकाय के डीन प्रो. अनिल चंद्रा की शनिवार को कोरोना से मौत हो गई। उनका फिल्म सेंटर में इलाज चल रहा था। वर्ष 1983 में केजीएमयू से ही बीडीएस की डिग्री लेने वाले चंद्रा ने 1987 में बीएचयू से एमडीएस की डिग्री ली थी। इसके बाद 1990 से वह केजीएमयू में ही कार्यरत थे। सौम्य व्यवहार से वह केजीएमयू और मित्रों के बीच लोकप्रिय थे। केजीएमयू प्रशासन ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है।
सांसद कौशल किशोर के बड़े भाई का कोरोना से निधन
लखनऊ। मोहनलालगंज से सांसद कौशल किशोर के बड़े भाई महावीर प्रसाद का शनिवार देर रात कोरोना से निधन हो गया। वह करीब एक सप्ताह से केजीएमयू के कोविड अस्पताल में भर्ती थे। सांसद ने बताया कि उनके बड़े भाई महावीर प्रसाद (85) दुबग्गा के बिगरिया में पड़ोस में ही रहते थे। करीब एक सप्ताह पहले संक्रमित होने पर उन्हें केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। दो-तीन दिन से उनकी हालत और बिगड़ गई और शनिवार देर रात उनका निधन हो गया। उनके परिवार में बेटे राकेश व अरविंद और चार बेटियां हैं।
पूर्व राज्य सूचना आयुक्त पारस नाथ गुप्ता का निधन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग के पूर्व आयुक्त पारस नाथ गुप्ता (63) का शनिवार को कोरोना से निधन हो गया। उनका इलाज अपोलो हॉस्पिटल में चल रहा था। वे दो दिनों से वेंटिलेटर पर थे। सेहत में सुधार होने पर उन्हें कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया था। पारस नाथ गुप्ता आजमगढ़, वाराणसी व प्रयागराज मंडल के सूचना आयुक्त रह चुके हैं। उन्होंने लखनऊ हाइकोर्ट के चीफ स्टैंडिंग काउंसिल व मुख्य सलाहकार विधानसभा उत्तर प्रदेश जैसे प्रशासनिक पदों पर भी सेवाएं दी थीं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी की थी।
लखनऊ में कोरोना के नए स्ट्रेन का खतरा
लखनऊ। राजधानी में कोरोना के बढ़ते प्रकोप की वजह कहीं इसका बदला स्ट्रेन तो नहीं है, इसका पता लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत लखनऊ से 50 सैंपल जांच के लिए एनआईवी पुणे भेजे गए हैं। कोरोना के मामले में लखनऊ प्रदेश में सबसे ऊपर है। यहां होने मौतें भी सर्वाधिक हैं। घरों में अचानक मरीज गंभीर हो जा रहे हैं। देखते ही देखते उनकी सांसें उखड़ रही हैं। इस साल अप्रैल में ही सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं। ऐसे में चिकित्सा विशेषज्ञों को वायरस का दूसरा स्ट्रेन फैलने की आशंका है। केजीएमयू की माइक्रोबायोलॉजी विभाग के हेड डॉ. अमिता जैन ने बताया कि 50 मरीजों के सैंपल पुणे भेजे गए हैं। यहां जीन सिक्वेंसिंग टेस्ट से वायरस के म्यूटेशन व स्ट्रेन का पता लगेगा। अब तक कोरोना के छह विदेशी स्वरूप मिले हैं। स्वदेशी तीसरा म्यूटेशन बंगाल में मिला। यह नवंबर 2020 के दौरान यूके में मिले वायरस का म्यूटेशन था।
लगातार तीसरे दिन संक्रमितों से ज्यादा डिस्चार्ज होने वाले
42 मौतों के बीच शनिवार को मामूली राहत की बात लगातार तीसरे दिन संक्रमितों से ज्यादा ठीक होने वालों का आंकड़ा रहा। शनिवार को 5461 नए मरीज मिले तो 5799 लोग स्वस्थ हुए। शुक्रवार को 5682 नए केस मिले थे, जबकि 7165 ने वायरस को मात दी थी। बृहस्पतिवार को 6207 मरीज डिस्चार्ज हुए थे और 5239 संक्रमित मिले थे।
53 हजार के करीब सक्रिय केस का आंकड़ा
शनिवार को राजधानी में सक्रिय केसों की संख्या 53,143 पहुंच गई। शुक्रवार को यह आंकड़ा 53,475 था। वहीं, बृहस्पतिवार को सक्रिय केस की संख्या 54,967 और बुधवार को 55,980 थी।