कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में होने के बयान से शहर के उलमा नाराज हैं।
उनका कहना है कि भारत में रहने वाला हर मुसलमान देश का वफादार नागरिक है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना डॉ. कल्बे सादिक ने कहा कि उन्होंने राहुल का बयान नहीं सुना है, उसे पूरा सुनकर ही राय दी जा सकती है।
हां, यह जरूर कह सकता हूं कि भारत में रहने वाला हर मुसलमान अपने मुल्क से मोहब्बत करता है, वह इसके लिए कुरबान होना जानता है, उससे गद्दारी नहीं कर सकता।
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ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि राहुल का बयान किसी सांप्रदायिक दल के नेता जैसा है।
इस बयान से मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों के साथ ही देश के हर मुसलमान को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को सियासी नेताओं की सोच के प्रति जागरूक हो जाना चाहिए और ऐसे बयान का जोरदार विरोध करना चाहिए।
शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी का कहना है कि सियासी दल मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों के दर्द को समझना तो दूर, इस पर राजनीति करने पर तुले हैं।
उन्होंने राहुल के बयान की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे बयान सांप्रदायिक ताकतों को मजबूती देते हैं। कांग्रेस के जिम्मेदार नेता से ऐसे बयान की उम्मीद नहीं थी।
शहर काजी मौलाना अबुल इरफान मियां फरंगी महली ने कहा कि राहुल गांधी को अपना बयान वापस लेना चाहिए और मुसलमानों से माफी मांगनी चाहिए। देश के मुसलमानों पर शक करना कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी को शोभा नहीं देता।
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